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Homeकोयला क्षेत्रधनबादIllegal Coal Mining: धनबाद में अवैध खदान की भराई

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Illegal Coal Mining: धनबाद में अवैध खदान की भराई

चांदकुईयां पंचायत में CISF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, आबादी पर मंडरा रहा था खतरा

Illegal Coal Mining: धनबाद के कोयलांचल में अवैध कोयला खनन लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसी बीच बुधवार को CISF और तिसरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने चांदकुईयां पंचायत में कार्रवाई की। टीम ने पांच नंबर काली मंदिर के पास तीन तल्ला के पीछे संचालित एक अवैध कोयला खदान की भराई कराई। खदान के आसपास आबादी होने के कारण स्थानीय लोग लंबे समय से हादसे की आशंका जता रहे थे। कार्रवाई के बाद आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने राहत महसूस की है।

Illegal Coal Mining: घनी आबादी के पास चल रही थी खदान

स्थानीय जानकारी के अनुसार, पांच नंबर काली मंदिर के समीप तीन तल्ला के पीछे लंबे समय से अवैध रूप से कोयले का उत्खनन किया जा रहा था। खदान के आसपास रिहायशी इलाके हैं। ऐसे में जमीन के भीतर लगातार खुदाई होने से लोगों की चिंता बढ़ गई थी। स्थानीय लोगों को आशंका थी कि कमजोर जमीन कभी भी धंस सकती है। अचानक गोफ बनने से घरों और आसपास आने-जाने वाले लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता था।

इसी खतरे को देखते हुए CISF और तिसरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। अवैध खदान की भराई कराई गई, ताकि वहां आगे होने वाली खुदाई पर रोक लगाई जा सके। हालांकि, इस कार्रवाई से खतरा पूरी तरह समाप्त हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए संबंधित क्षेत्र का तकनीकी आकलन जरूरी होगा।

Illegal Coal Mining: अवैध खनन से जमीन धंसने का खतरा, निगरानी की मांग

कोयलांचल के कई हिस्सों में अवैध खनन के कारण जमीन धंसने और गोफ बनने का खतरा बना रहता है। भूमिगत खुदाई कई बार ऊपर की जमीन को कमजोर कर देती है। इसका असर आसपास के घरों, सड़कों और अन्य संरचनाओं पर पड़ सकता है। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसी गतिविधियां गंभीर हादसे की वजह बन सकती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाना जरूरी है। केवल एक खदान को बंद करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। खनन प्रभावित इलाकों की नियमित जांच होनी चाहिए। साथ ही, जहां जमीन के धंसने की आशंका है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।

कुजामा और छलछलिया में भी अवैध खनन की चर्चा

इधर, लोदना ओपी क्षेत्र के कुजामा और छलछलिया खिलान धौड़ा के पीछे स्थित जंगल में भी बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन की चर्चा है। स्थानीय स्तर पर ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन स्थानों पर अवैध खनन की मौजूदा स्थिति और उसके पैमाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि जंगल की आड़ में कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। यदि इन क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियां जारी हैं, तो इससे पर्यावरण और आसपास की जमीन की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ऐसे में संबंधित विभागों की निगरानी और जांच जरूरी है।

कार्रवाई के बाद अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर

चांदकुईयां पंचायत में अवैध खदान की भराई के बाद स्थानीय लोगों को संभावित दुर्घटना का खतरा कम होने की उम्मीद है। हालांकि, क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह देखना भी जरूरी होगा कि बंद की गई खदान में दोबारा उत्खनन शुरू न हो। इसके लिए नियमित निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण की आवश्यकता है।

कुजामा और छलछलिया के जंगलों में अवैध खनन की चर्चा के बीच अब स्थानीय लोगों की नजर पुलिस और संबंधित विभागों पर है। लोगों को उम्मीद है कि शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कोयलांचल में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर अभियान, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण है।

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