चंद्रगुप्त कोल परियोजना में हड़कंप, जीएम आर.एस. यादव पर वादाखिलाफी का आरोप
Hazaribagh Keredari CCL: हजारीबाग जिले के केरेडारी स्थित सीसीएल की महत्वाकांक्षी चंद्रगुप्त कोल परियोजना में स्थानीय युवाओं के रोजगार को लेकर उपजा विवाद गंभीर रूप ले चुका है। परियोजना की एमडीओ कंपनी सुशी इन्फ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के साइट कार्यालय परिसर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नौकरी न मिलने से हताश एक स्थानीय युवक ऊंचे टावर पर चढ़ गया। टावर पर चढ़े युवक की पहचान पहरा गांव निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। राहुल ने वहां से कूदकर आत्महत्या करने की चेतावनी देकर प्रबंधन और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीण और स्थानीय मजदूर मौके पर एकत्र हो गए हैं।
Hazaribagh Keredari CCL की साइट पर हाथ से लिखा पत्र लहराकर लगाया आरोप
टावर पर चढ़ने से पहले राहुल कुमार ने अपने हाथों से एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उसने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल ने बताया कि उसने लगभग छह महीने पहले सुशी इन्फ्रा कंपनी में जरूरी तकनीकी और कार्यकुशलता ट्रायल सफलतापूर्वक पास कर लिया था। ट्रायल पास होने के बावजूद कंपनी ने उसे अब तक ड्यूटी पर तैनात नहीं किया। राहुल का कहना है कि वह पिछले छह महीनों से रोजगार के लिए साइट कार्यालय के चक्कर काट रहा है। उसे बार-बार केवल झूठा आश्वासन दिया गया, लेकिन रोजगार का अवसर नहीं मिला।
Hazaribagh Keredari CCL के जीएम आर.एस. यादव पर वादाखिलाफी का दावा
युवक ने अपने पत्र में सुशी इन्फ्रा माइनिंग कंपनी के महाप्रबंधक (जीएम) आर.एस. यादव को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उसने आरोप लगाया कि जीएम ने स्थानीय विस्थापित और प्रभावित गांव के युवाओं को काम पर रखने का सार्वजनिक वादा किया था। लेकिन वास्तविक भर्ती के समय नियमों और वादों को ताक पर रख दिया गया। राहुल ने कहा कि लगातार की जा रही वादाखिलाफी और बेरोजगारी के मानसिक तनाव से तंग आकर ही उसे यह आत्मघाती रास्ता चुनना पड़ा। युवक का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
स्थानीय युवाओं के रोजगार की अनदेखी पर फिर उठे तीखे सवाल
घटना की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद केरेडारी और बड़कागांव क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के नियोजन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कोल परियोजना शुरू होने से पहले गांवों के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने का भरोसा दिया गया था। लेकिन खदान का संचालन शुरू होते ही आउटसोर्सिंग कंपनियां स्थानीय लोगों की अनदेखी करने लगती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रायल पास करने के बावजूद योग्य स्थानीय युवकों को काम से वंचित रखा जाना नाइंसाफी है।
प्रशासन से तत्काल रेस्क्यू और निष्पक्ष समाधान की मांग
मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। लोगों ने मांग की है कि बिना किसी देरी के राहत और बचाव अभियान चलाकर राहुल कुमार को सुरक्षित नीचे उतारा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि युवक की जान बचाना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन से रोजगार के इस पूरे विवाद का पारदर्शी और सम्मानजनक समाधान निकालने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक टीम पहुंच चुकी थी और युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारने के प्रयास जारी थे।
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