Jharkhand: कृषि मंत्री (Agriculture Minister) Shilpi Neha Tirkey ने farmer welfare program में कहा कि राज्य सरकार किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक और वैज्ञानिक दिशा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मंत्री रविवार को बेड़ो प्रखंड के पुरनापानी बाजारटांड़ मैदान में आयोजित किसान सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं।
किसान सम्मान समारोह में जुटे बड़ी संख्या में किसान
पायोनियर कंपनी की ओर से आयोजित किसान सम्मान समारोह में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की नई तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।
Jharkhand news: आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं किसान
मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में किसानों की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि झारखंड के किसान अब जागरूक होकर आधुनिक खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार नई योजनाएं और कार्यक्रम लागू कर रही है, ताकि किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
वैज्ञानिक खेती के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण
कृषि मंत्री ने कहा कि आज भी राज्य के अधिकांश किसान पारंपरिक पद्धति से खेती कर रहे हैं, लेकिन कृषि विभाग अब किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने का प्रशिक्षण दे रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, स्प्रेयर और अन्य उपकरण अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
Jharkhand news: मत्स्य पालन को भी मिल रहा बढ़ावा
मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में भी बेहतर कार्य कर रही है। मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और जलाशयों में केज फार्मिंग के माध्यम से उत्पादन में कई गुना वृद्धि हुई है। समितियों के जरिए सामूहिक मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
ग्रामीण बाजार और कोल्ड स्टोरेज पर जोर
उन्होंने कहा कि ग्रामीण बाजारों को मजबूत बनाने के लिए बाजार शेड और कोल्ड स्टोरेज का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है।इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
Jharkhand news: कम वर्षा की संभावना को लेकर किसानों को चेताया
कृषि मंत्री ने संभावित कम वर्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि विभाग लगातार कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को जागरूक कर रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष औसत से कम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को केवल धान पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि कम पानी में होने वाली फसलों और मोटे अनाज की खेती की ओर भी ध्यान देना चाहिए।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मोदसिर हक, विश्वनाथ शाहदेव, बुधराम बाड़ा, तंजीर हुसैन, मतियस खेस, बुधराम लोहरा और चन्द्रावती देवी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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