Jharkhand: राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (Jharkhand State Legal Services Authority) रांची के निर्देश पर रविवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार खूंटी Rasikesh Kumar ने बाल देखरेख संस्थान (CCI) सहयोग विलेज हुटार, आशा किरण फुदी तथा वृद्धाश्रम पिपराटोली का निरीक्षण किया। Khunti District Judge old age home inspection इस दौरान जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सी अल्ताफ खान और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कमलेश बेहरा भी मौजूद रहे।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों और वरिष्ठ नागरिकs की देखरेख, संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए संचालित संस्थान किशोर न्याय अधिनियम 2015, मिशन वात्सल्य योजना तथा न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं या नहीं।निरीक्षण दल ने संस्थानों की व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया।
Khunti news: साफ-सफाई, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था की जांच
निरीक्षण के दौरान आवासीय व्यवस्था, साफ-सफाई, रसोई एवं भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सीय सुविधाएं, परामर्श सेवाएं, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इसके अलावा प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता, अभिलेख संधारण और शिकायत निवारण प्रणाली की भी जांच की गई।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से की बातचीत
निरीक्षण दल ने संस्थानों में रह रहे बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं, सुविधाओं और देखरेख की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही संस्थान प्रबंधन और कर्मचारियों को बाल-हितैषी एवं वरिष्ठजन-हितैषी वातावरण बनाए रखने के लिए संवेदनशील किया गया।
Khunti news: सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा
दल ने संस्थानों में संचालित कल्याणकारी योजनाओं और आवासियों के हित में उपलब्ध कराई गई सरकारी राशि के उपयोग की भी समीक्षा की।
“कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है डीएलएसए”
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को विधिक संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। यह जानकारी डीएलएसए सचिव कमलेश बेहरा ने दी।



