जमशेदपुर के जुगसलाई के मिलन सिंह और ऋषभ जैन समेत छह गिरफ्तार, एनसीबी ने की नशे के नेटवर्क की जांच तेज, दिल्ली और जयपुर तक कनेक्शन की पड़ताल
Ranchi Drug Syndicate: झारखंड की राजधानी रांची में कथित अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा होने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रांची और जमशेदपुर में निजी पार्टियों, फार्म हाउस और अन्य ठिकानों तक नशीले पदार्थों की आपूर्ति कैसे हो रही थी। इस नेटवर्क के कथित संपर्क दिल्ली और जयपुर तक होने की भी जांच की जा रही है। मामले में रजत जैन, उदित कुमार, आकाश मल्होत्रा, स्नेहा पासवान, मिलन सिंह और ऋषभ जैन समेत छह लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी का जोर अब नशीले पदार्थों के स्रोत, सप्लाई के तरीकों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने पर है।
Ranchi Drug Syndicate: रेलवे स्टेशन रोड पर कार्रवाई से खुला मामला
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एनसीबी को 14 अक्टूबर की सुबह सूचना मिली थी कि ट्रेन की पैंट्री कार के जरिए नशीले पदार्थों की एक खेप रांची पहुंचने वाली है। आशंका थी कि पैंट्री कार का एक कर्मचारी यह खेप स्थानीय संपर्कों तक पहुंचाने वाला है। इस सूचना के बाद एजेंसी की टीम ने रांची रेलवे स्टेशन रोड स्थित फूड प्लाजा के सामने निगरानी शुरू की। दोपहर करीब 12 बजे एक सफेद हुंडई एक्सेंट कार को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार रजत जैन और उदित कुमार को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान करीब 18 ग्राम कोकीन और 15 ग्राम एमडीएमए मिलने की बात सामने आई। इसके बाद कथित खेप लेने पहुंचे गिरिडीह निवासी आकाश मल्होत्रा को भी जांच के क्रम में पकड़ा गया।
बोरेया के मकान में छापेमारी, स्नेहा पासवान गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर एनसीबी की दूसरी टीम ने रांची के बोरेया स्थित बैंक कॉलोनी के एक मकान में छापेमारी की। यहां से स्नेहा पासवान को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। तलाशी में करीब 3.5 ग्राम गांजा और एमडीएमए की दो गोलियां मिलने की बात कही गई। जांच आगे बढ़ी तो जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी मिलन सिंह का नाम भी सामने आया। उसे 15 अक्टूबर को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। इसके बाद ऋषभ जैन को भी गिरफ्तार किया गया। इस तरह मामले में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका और नेटवर्क में उसकी जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
Ranchi Drug Syndicate: रांची-जमशेदपुर की पार्टियों तक सप्लाई की कड़ी तलाश रही एनसीबी
इस मामले की जांच अब केवल बरामदगी और गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रांची और जमशेदपुर में कथित रेव पार्टियों तक नशीले पदार्थ कैसे पहुंचते थे। निजी मकानों, फार्म हाउस और अन्य स्थानों पर होने वाले आयोजनों से इस नेटवर्क का कोई सीधा संबंध था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी के सामने कई अहम सवाल हैं। नशीले पदार्थ कहां से खरीदे जाते थे? उन्हें रांची तक पहुंचाने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था? स्थानीय स्तर पर उनकी आपूर्ति कौन करता था? और क्या इस पूरे कारोबार में अन्य लोग भी शामिल थे? इन सवालों के जवाब आरोपियों से पूछताछ और जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर तलाशे जा रहे हैं।
मोरहाबादी और कांके रोड के बार संचालकों से पूछताछ की तैयारी
मीडिया रिपोर्टों में रांची के मोरहाबादी और कांके रोड स्थित कुछ बार के संचालकों को 26 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें मोरहाबादी स्थित रुइन हाउस बार के अनिरुद्ध बुधिया और कांके स्थित ऑन द रॉक्स बार के सिद्धांत सुमन उर्फ निशु के नाम सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, एनसीबी इनसे कथित ड्रग्स सप्लाई और संबंधित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है। हालांकि, पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपने आप में किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान की संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। जांच पूरी होने और ठोस साक्ष्य सामने आने तक किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
शोभित सहाय उर्फ गोलू की तलाश और हुंडई कार की जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में शोभित सहाय उर्फ गोलू की तलाश की जा रही थी। दूसरी ओर, बाद की कुछ मीडिया रिपोर्टों में कथित नेटवर्क से जुड़े एक व्यक्ति का नाम जिम्मी बताया गया है। इन नामों और उनकी भूमिकाओं के संबंध में स्पष्ट आधिकारिक जानकारी के बिना दोनों को एक ही व्यक्ति मानना उचित नहीं होगा। जांच में जब्त हुंडई एक्सेंट कार को ऋषभ जैन की बताई गई है। एजेंसी वाहन, आरोपियों के आपसी संपर्क और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जाता था। साथ ही, नशीले पदार्थों की खरीद से लेकर अंतिम ग्राहक तक उनकी आपूर्ति की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है।
दिल्ली और जयपुर तक संभावित संपर्कों की जांच
एनसीबी को मिले इनपुट के आधार पर कथित नेटवर्क के तार रांची और जमशेदपुर के अलावा दिल्ली तथा जयपुर तक जुड़े होने की आशंका जताई गई है। कुछ बाद की रिपोर्टों में विदेशी मोबाइल नंबरों और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच का भी उल्लेख है। हालांकि, इन संपर्कों की वास्तविक भूमिका और विदेशों से किसी तरह के प्रत्यक्ष संचालन की पुष्टि होना अभी बाकी है। एजेंसी के लिए अब सबसे अहम यह पता लगाना है कि बरामद नशीले पदार्थों की आपूर्ति कहां से हुई, उन्हें किन लोगों ने मंगाया और स्थानीय स्तर पर आगे किसे दिया जाना था। पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर अन्य संभावित संपर्कों की पहचान की जा सकती है।
जांच के निष्कर्षों पर टिकी आगे की कार्रवाई
रांची में हुई कार्रवाई ने झारखंड में कथित ड्रग्स नेटवर्क की सप्लाई व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि क्या नशीले पदार्थों की आपूर्ति निजी आयोजनों और मनोरंजन स्थलों तक की जाती थी। फिलहाल, इस संबंध में एजेंसी की जांच जारी है। एनसीबी का अगला कदम कथित नेटवर्क के स्रोत, स्थानीय संपर्कों और दूसरे शहरों से जुड़ी कड़ियों को स्पष्ट करना होगा। मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी। जांच पूरी होने तक आरोपों और स्थापित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
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