बैंक और कैश बुक के मिलान में महालेखाकार ने पकड़ी भारी गड़बड़ी, एनएचएम में सर्वाधिक अंतर
Jharkhand Health Audit: राज्य के स्वास्थ्य महकमे में भारी वित्तीय विसंगति सामने आई है। महालेखाकार (AG) की ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के खातों में 584.21 करोड़ का अंतर मिला है। यह अंतर बैंक और कैश बुक के बीच पाया गया है। कैश बुक में 778.13 करोड़ रुपये दर्ज हैं, लेकिन बैंक खातों में केवल 193.93 करोड़ रुपये मिले। ऑडिट में सामने आई इस विसंगति से हड़कंप मचा। महालेखाकार ने गंभीर वित्तीय गड़बड़ी की आशंका जताई।
Jharkhand Health Audit: अकेले एनएचएम में 582 करोड़ का फासला
जांच के दौरान सबसे बड़ा झोल एनएचएम में मिला। नेशनल रूरल हेल्थ मिशन में 582.31 करोड़ का अंतर है। एनएचएम के कैश बुक में 751.10 करोड़ शेष दिखे। जबकि बैंक खाते में केवल 168.78 करोड़ दर्ज थे। कुल पाए गए अंतर का अधिकांश हिस्सा एनएचएम का है। इतनी बड़ी राशि का अंतर कई सवाल खड़े करता। वित्त विभाग के कड़े नियमों की अनदेखी की गई। खातों के नियमित समाधान में घोर लापरवाही बरती गई।
Jharkhand Health Audit: मार्च 2025 के आंकड़ों से खुली पोल
यह ऑडिट मार्च 2025 के आंकड़ों पर आधारित है। वित्त विभाग खर्च पर नजर रखने को मिलान कराता। सरकार की सभी इकाइयों के लिए यह नियम अनिवार्य है। चार जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों की जांच हुई। धनबाद मेडिकल कॉलेज के ब्योरे का भी मिलान हुआ। रिपोर्ट में पाया गया कि लेखा-जोखा सही नहीं था। कई योजनाओं में बैंक और कैश बुक मेल नहीं खाते। इससे बजट प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
जमशेदपुर सिविल सर्जन कार्यालय में 217 लाख का अंतर
जमशेदपुर सिविल सर्जन कार्यालय में 217.32 लाख का अंतर मिला। यहां कैश बुक में 815.20 लाख रुपये दर्ज थे। जबकि बैंक खाते में 597.88 लाख रुपये शेष थे। गंभीर बीमारी योजना में भी भारी विसंगति मिली। गंभीर बीमारी की कैश बुक में 3.95 करोड़ दर्ज थे। लेकिन बैंक खाते में 1.45 करोड़ रुपये ही मिले। अटल मोहल्ला क्लिनिक के कैश बुक में 1.90 लाख थे। जबकि बैंक में 2.20 लाख रुपये दर्ज पाए गए।
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धनबाद मेडिकल कॉलेज, बोकारो और सरायकेला का हिसाब
धनबाद मेडिकल कॉलेज के दोनों खातों में अंतर मिला। वहां दोनों खातों में 1.05 लाख का अंतर निकला। बैंक में 1342.07 लाख रुपये शेष थे। वहीं कैश बुक में 1341.02 लाख रुपये दर्ज मिले। बोकारो सिविल सर्जन दफ्तर में 27.24 लाख का अंतर मिला। बोकारो के बैंक में 566.99 लाख रुपये मिले। कैश बुक में 539.75 लाख रुपये का उल्लेख था। सरायकेला सिविल सर्जन कार्यालय में 2.57 लाख का अंतर था। सरायकेला के बैंक में 4.75 लाख रुपये मिले। कैश बुक में 7.32 लाख रुपये दर्ज थे।
खूंटी सदर अस्पताल की कैश बुक शून्य, बैंक में मिले पैसे
खूंटी सदर अस्पताल के ब्योरे में अजीब मामला दिखा। अस्पताल के जनरल कैश बुक में शेष राशि शून्य थी। लेकिन बैंक खाते में 2.37 लाख रुपये जमा मिले। यहां पूरे 2.37 लाख रुपये का अंतर दर्ज हुआ। कहीं बैंक बैलेंस अधिक मिला, तो कहीं कैश बुक में। इस असंतुलन से वित्तीय नियमों की धज्जियां उड़ गईं। स्वास्थ्य विभाग अब सभी इकाइयों से जवाब मांग रहा। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही।
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