52वें उप वायु सेना प्रमुख के रूप में संभाला पदभार, लड़ाकू विमानों पर 3200 घंटे की उड़ान का अनुभव
Indian Air Force: भारतीय वायु सेना के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया ने 52वें वाइस चीफ का पद संभाला। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित के बाद उन्होंने यह पद संभाला। फाइटर स्ट्रीम के अधिकारी वालिया का करियर तीन दशक लंबा है। उनके पास लड़ाकू विमानों पर 3200 घंटे उड़ान का अनुभव है। पदभार संभालने से पूर्व उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यालय में उन्हें सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस नियुक्ति से बल की सामरिक क्षमता और मजबूत होगी।
Indian Air Force: लड़ाकू विमानों के अनुभवी पायलट और उच्च शिक्षित अधिकारी
वालिया 11 जून 1988 को फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने वायु सेना अकादमी डुंडीगुल से भी प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम से एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स किया। वे नेशनल डिफेंस कॉलेज बांग्लादेश के भी छात्र रहे हैं। उनके पास रक्षा और सामरिक अध्ययन में तीन डिग्रियां हैं। उन्होंने मिग-21, मिग-23 और मिग-27 विमान सफलतापूर्वक उड़ाए हैं। जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई पर भी उनका गहरा अनुभव है। वे कुशल फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और इंस्ट्रूमेंट रेटिंग परीक्षक हैं।
Indian Air Force: फ्रंटलाइन स्क्वाड्रन और बरेली एयरबेस की संभाली कमान
उनका परिचालन कार्यकाल बेहद शानदार और प्रेरणादायी रहा है। वे नंबर 222 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर रह चुके हैं। वे टैक्टिक्स एंड कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट के कमांडेंट रहे। उन्होंने एक फ्रंटलाइन फाइटर स्क्वाड्रन का नेतृत्व किया था। वे एयर फोर्स स्टेशन बरेली के एयर ऑफिसर कमांडिंग रहे। उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें 2018 में अति विशिष्ट सेवा मेडल मिला। वर्ष 2008 में उन्हें वायु सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। वे एयर हेडक्वार्टर में एयर कमोडोर एयर स्टाफ इंस्पेक्शन भी रहे।
जापान और दक्षिण कोरिया में रह चुके हैं डिफेंस अटैची
एयर मार्शल वालिया के पास लंबा कूटनीतिक अनुभव भी है। वे जापान और साउथ कोरिया में डिफेंस अटैची रहे हैं। एयर कमोडोर के रूप में उन्होंने पूर्वी कमान में एयर-1 पद संभाला। उनके अनुभव से द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूती मिली। उन्होंने वायु सेना के आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया। वैश्विक सामरिक मामलों पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। जटिल परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने में वे माहिर हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन्होंने भारतीय वायु सेना का मान बढ़ाया।
पूर्वी वायु कमान के प्रमुख के बाद अब मुख्यालय में शीर्ष जिम्मेदारी
पदोन्नत होकर उन्होंने 9 सितंबर 2024 को शिलांग में कार्यभार संभाला। वहां वे पूर्वी वायु कमान के सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर रहे। इसके बाद 1 फरवरी 2026 को वे पूर्वी कमान के प्रमुख बने। उन्होंने एयर मार्शल सूरत सिंह का स्थान लिया था। सूरत सिंह 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए थे। अब वालिया ने 52वें वाइस चीफ का कार्यभार संभाल लिया है। लड़ाकू तत्परता को बढ़ाना उनकी शीर्ष प्राथमिकता होगी। वे भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए नई रणनीति बनाएंगे। नई जिम्मेदारी पर रक्षा जगत के अधिकारियों ने बधाई दी।
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