- समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर जोर, आंगनबाड़ी, बाल संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश
Jharkhand: में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले का कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए और हर लाभुक तक योजनाओं का फायदा पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
आंगनबाड़ी और बाल कल्याण पर विशेष फोकस
उपायुक्त ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों और किसी भी परिस्थिति में बंद न रहें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह की 14 तारीख को “बाल भोज दिवस” का आयोजन किया जाए और केंद्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही 6 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का नजदीकी स्कूलों में नामांकन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पोषण योजनाओं को लेकर निर्देश
डीसी ने टेक होम राशन के लाभुकों का 100% एफआरसी कार्य पूरा करने, आंगनबाड़ी केंद्रों में हैंडवॉश यूनिट और फेवर ब्लॉक निर्माण तथा एक माह के भीतर सभी केंद्रों का विद्युतीकरण सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, शौचालय निर्माण, मनरेगा और पीएम जनमन के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना सहित विभिन्न योजनाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए।
बच्चों के विकास और जागरूकता पर जोर
उपायुक्त ने “प्रोजेक्ट बचपन” के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन, गुड टच-बैड टच की जानकारी और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं “प्रोजेक्ट अलख” के तहत डायन बिसाही और बाल तस्करी की रोकथाम के लिए पंचायत स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा
जिला बाल संरक्षण कार्यालय की समीक्षा के दौरान मिशन वात्सल्य योजना के तहत स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर, वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रगति की जानकारी ली गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में:
- 414 बच्चों को स्पॉन्सरशिप
- 17 बच्चों को फोस्टर केयर
- 4 बच्चों को आफ्टर केयर का लाभ मिल रहा है
उपायुक्त ने विधवा पेंशनधारी महिलाओं के बच्चों को भी योजनाओं से जोड़ने और गुदड़ी व टोंटो प्रखंडों में योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण और निगरानी को सख्त करने के निर्देश
डीसी ने पैरा लीगल वालंटियर की भूमिका की समीक्षा करते हुए बाल सुधार गृह सहित सभी संस्थानों का नियमित निरीक्षण और लाभुक बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने को कहा। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया गया।



