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CO Shubhra Rani: नामकुम जमीन मामले में विभागीय जांच शुरू

मौजा हेथु की 3.64 एकड़ जमीन में गड़बड़ी, रिटायर्ड आईएएस सुनील कुमार करेंगे जांच

​CO Shubhra Rani: पूर्व अंचल अधिकारी की मुश्किलें बढ़ गईं। तत्कालीन सीओ शुभ्रा रानी पर शिकंजा कसा है। करोड़ों की सरकारी जमीन में धांधली का आरोप है। राज्य सरकार ने उनके खिलाफ बड़ा फैसला लिया। उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश हुआ। कार्मिक विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया। वंशावली सत्यापन में गलत रिपोर्ट देने का मामला है। सरकारी दिशा-निर्देशों की खुली अनदेखी की गई थी।

​CO Shubhra Rani: मौजा हेथु की 3.64 एकड़ जमीन का विवाद

​यह मामला रांची के नामकुम अंचल से जुड़ा है। मौजा हेथु की 3.64 एकड़ जमीन का पेंच फंसा। यह जमीन थाना नंबर 298 के अंतर्गत है। साथ ही खाता नंबर 30 की जमीन बताई गई। करोड़ों रुपये मूल्य की इस जमीन पर खेल हुआ। तत्कालीन सीओ शुभ्रा रानी ने निर्धारित नियम तोड़े। बिना जमीनी पड़ताल के वंशावली सत्यापित कर दी। गलत रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों को भेजी। जांच में यह रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी निकली।

​CO Shubhra Rani: रांची उपायुक्त की जांच में सही पाए गए आरोप

​पूरे मामले की शिकायत उच्च स्तर पर हुई थी। रांची के उपायुक्त ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच टीम ने सभी अभिलेखों का मिलान किया। जांच में तत्कालीन सीओ पर लगे आरोप सही मिले। रिपोर्ट में पद के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। इसके बाद फाइल मुख्यमंत्री के पास भेजी गई। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद विभागीय जांच तय हुई। कार्मिक विभाग ने जांच के आदेश पर मुहर लगाई।

​रिटायर्ड आईएएस सुनील कुमार बने जांच अधिकारी

​विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए आदेश निकला। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुनील कुमार जांच अधिकारी नियुक्त हुए। वे पूरे प्रकरण की बिंदुवार जांच करेंगे। जमीन से जुड़े एक-एक दस्तावेज खंगाले जाएंगे। वंशावली सत्यापन के आधार की पड़ताल होगी। तत्कालीन अंचल अधिकारी की भूमिका की गहन जांच होगी। गवाहों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होंगे। जांच पूरी होने पर सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे।

​जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई

​विभागीय जांच में आरोपों की स्थिति साफ होगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी। पेंशन और सेवा लाभ पर भी असर पड़ सकता है। सरकारी जमीन की लूट पर सरकार सख्त है। नामकुम अंचल पहले भी विवादों में रहा है। फर्जी कागजातों के सहारे जमीन हड़पने की कोशिश हुई। दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों का गठजोड़ सामने आया। अब जांच की आंच से कई चेहरों पर संकट है।

​जमीन के अवैध खेल पर सरकार का सख्त संदेश

​झारखंड में जमीन घोटालों पर लगातार प्रहार जारी है। राजस्व अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाई जा रही। वंशावली में हेराफेरी कर जमीन हथियाने का सिंडिकेट टूटा। सरकार ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सरकारी जमीन की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए गए। इस कड़ी कार्रवाई से अंचल कर्मियों में हड़कंप है। प्रशासनिक हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बना है।

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