पैसों के विवाद में हत्या का आरोप, विनोद मंडल और पत्नी सविता देवी पुलिस की गिरफ्त में
Giridih Murder Case: गिरिडीह जिले के चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी पर मिले युवती के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरिया थाना क्षेत्र के बंधखारो निवासी विनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मृतका लक्ष्मी कुमारी की गला दबाकर हत्या की गई थी। जांच में पैसों के विवाद को हत्या की वजह बताया गया है। पुलिस ने आरोपी विनोद मंडल की निशानदेही पर कथित वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक, सफेद बोरा और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। एसडीपीओ धनंजय राम ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में मामले की जानकारी दी।
Giridih Murder Case: 20 सितंबर को रेल पटरी के पास मिला था शव
पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे पोल संख्या 335/31 के नजदीक एक युवती का शव मिला था। मृतका की पहचान सरिया थाना क्षेत्र के कपिलो निवासी लक्ष्मी कुमारी के रूप में की गई। शुरुआती कार्रवाई के दौरान गोमो रेल थाना में यूडी कांड दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच के लिए बगोदर थाना में कांड संख्या 205/26 दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. बिलम कुमार के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई। टीम ने जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की। पुलिस का कहना है कि इसी जांच में युवती की मौत के पीछे हत्या की साजिश सामने आई।
Giridih Murder Case: विनोद मंडल और लक्ष्मी कुमारी के बीच था संपर्क
एसडीपीओ धनंजय राम के अनुसार, विनोद मंडल पिछले छह से सात वर्षों से लक्ष्मी कुमारी के संपर्क में था। पुलिस का कहना है कि वह लक्ष्मी की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता भी करता था। जांच में यह बात सामने आई कि लक्ष्मी ने आंध्र प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए विनोद से डेढ़ लाख रुपये मांगे थे।
पुलिस के मुताबिक, इसी रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। जांचकर्ताओं का दावा है कि पैसों के विवाद के बाद विनोद ने लक्ष्मी की हत्या की योजना बनाई। हालांकि, यह पुलिस की जांच में सामने आया आरोप है। मामले में आरोपियों की भूमिका और अन्य परिस्थितियों का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
19 सितंबर को हत्या किए जाने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर को लक्ष्मी कुमारी को बुलाया गया था। इसके बाद उसे एक सुनसान कमरे में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। जांच में पुलिस ने दावा किया कि हत्या के बाद शव को सफेद बोरे में रखा गया और चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी पर छोड़ दिया गया।
पुलिस का मानना है कि शव को रेल पटरी पर रखने का उद्देश्य घटना को रेलवे दुर्घटना जैसा दिखाना था। अगले दिन, 20 सितंबर को, रेलवे पटरी के पास शव मिलने की सूचना सामने आई। इसके बाद मामले की शुरुआती जांच रेलवे पुलिस ने की थी। बाद में जांच आगे बढ़ने पर बगोदर थाना में मामला दर्ज किया गया और एसआईटी ने इसकी पड़ताल की।
बाइक, बोरा और मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने बताया कि आरोपी विनोद मंडल की निशानदेही पर मामले से जुड़े कुछ सामान बरामद किए गए हैं। इनमें पल्सर बाइक, सफेद बोरा और मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस इन वस्तुओं को जांच के लिए महत्वपूर्ण मान रही है। हालांकि, प्रेसवार्ता में बरामद सामान से संबंधित विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट या अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जानकारी नहीं दी गई।
एसपी डॉ. बिलम कुमार के निर्देश पर गठित एसआईटी ने मामले की जांच की। इसके बाद विनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सविता देवी की कथित भूमिका का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
एसआईटी की जांच के बाद दो गिरफ्तार
एसडीपीओ धनंजय राम ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में गिरफ्तारी और जांच से जुड़े तथ्यों की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी कुमारी की मौत से जुड़े मामले में शुरुआती यूडी कांड के बाद बगोदर थाना में कांड संख्या 205/26 दर्ज किया गया था। इसके बाद एसआईटी ने मामले की जांच की और हत्या के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया।
फिलहाल, पुलिस की ओर से बताए गए घटनाक्रम, बरामद सामान और आरोपियों की भूमिका से जुड़े तथ्यों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ेगी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत करेगी।


