- पारंपरिक आदिवासी स्वशासन व्यवस्था लागू करने और ग्राम सभा में मान्यता देने की उठाई मांग
Musabani: प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों के माझी बाबा और मुंडा बाबाओं ने गुरुवार को East Singhbhum District Administration के उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने गैर-जनजातीय ग्राम प्रधानों के स्थान पर पारंपरिक आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के तहत माझी बाबा एवं मुंडा बाबाओं को मान्यता देने और उनके नेतृत्व में ग्राम सभा आयोजित कराने की मांग की।
उपायुक्त, बीडीओ और अंचलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपा गया ज्ञापन उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम, प्रखंड विकास पदाधिकारी मुसाबनी और अंचलाधिकारी को संबोधित था। ज्ञापन में कहा गया कि मुसाबनी प्रखंड के कई राजस्व गांवों में वर्तमान समय में गैर-जनजातीय ग्राम प्रधान कार्यरत हैं, जबकि इन गांवों में परंपरागत रूप से आदिवासी स्वशासन व्यवस्था लागू रही है। प्रतिनिधियों ने उपायुक्त कार्यालय से जारी पत्रांक संख्या-128, दिनांक 06 अप्रैल 2026 का उल्लेख करते हुए संबंधित गांवों में पारंपरिक माझी बाबा एवं मुंडा बाबाओं को चिन्हित कर उनके नेतृत्व में ग्राम सभा की प्रक्रिया कराने की मांग रखी।
PESA Rules 2025: पेसा नियमावली 2025 का दिया हवाला
प्रतिनिधिमंडल में शामिल Durga Charan Murmu ने कहा कि आदिवासी स्वशासन व्यवस्था और पेसा नियमावली 2025 के प्रावधानों के अनुसार ग्राम सभा का संचालन पारंपरिक स्वशासी व्यवस्था के तहत होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए मुसाबनी प्रखंड के सभी संबंधित राजस्व गांवों में पारंपरिक माझी बाबा और मुंडा बाबा व्यवस्था को लागू करने की मांग की।
आदिवासी परंपरा और संस्कृति को मजबूत करने की मांग
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान बी, शंगामाटिया, लाउकेशरा-159, मुसाबनी और आसपास के विभिन्न गांवों के माझी बाबा एवं मुंडा बाबा शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे आदिवासी समाज की परंपरा, संस्कृति और स्वशासन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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