झारखंड हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने दी अंडरटेकिंग, दो नवंबर तक दाखिल करनी होगी स्टेटस रिपोर्ट
Hazaribagh Advocate Death: हजारीबाग में अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा मोड़ आया है। अब इस पूरे मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रैंक के अधिकारी करेंगे। सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय में इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अंडरटेकिंग देकर अदालत को इस फैसले की जानकारी दी है। सरकार की ओर से बताया गया कि अब तक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) स्तर के अधिकारी इस केस का अनुसंधान कर रहे थे। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपी जाएगी।
Hazaribagh Advocate Death: दो नवंबर को सुबह साढ़े ग्यारह बजे होगी अगली सुनवाई
झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई थी। खंडपीठ ने राज्य सरकार को डीएसपी रैंक के अधिकारी से मामले का अनुसंधान कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को जांच की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी आदेश दिया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को दो नवंबर तक अनुसंधान की ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई आगामी दो नवंबर को सुबह 11:30 बजे निर्धारित की गई है। अगली तारीख पर सरकार को अदालत के समक्ष जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
Hazaribagh Advocate Death: तीन घंटे में दो बार पोस्टमार्टम किए जाने पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता ने अदालत के सामने कई गंभीर तथ्य रखे थे। अदालत को बताया गया कि अनुष्का की मौत से जुड़ी कई परिस्थितियां गहरा संदेह पैदा करती हैं। सबसे बड़ा सवाल महज तीन घंटे के भीतर शव का दो बार पोस्टमार्टम किए जाने पर उठाया गया है। इसके अलावा घटनास्थल पर शव मिलने की स्थिति को भी बेहद संदिग्ध बताया गया है। अदालत को जानकारी दी गई कि जिस हाल में अनुष्का का शव मिला था, उसमें उनके दोनों पैर जमीन से सटे हुए थे। साथ ही मृतका के शरीर पर चोट के निशान मौजूद होने की बात भी अदालत के संज्ञान में लाई गई है।
बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के गुप्ता कॉम्प्लेक्स में संदिग्ध हाल में मिला था शव
हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र में यह पूरी घटना घटी थी। यहां स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। जानकारी के अनुसार अनुष्का ने करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से वह अपने पति के साथ गुप्ता कॉम्प्लेक्स के इसी फ्लैट में रह रही थीं। उनकी अचानक हुई मौत के बाद से ही मायके पक्ष के लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। परिजनों ने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का सीधा आरोप लगाया था।
भाई देवजीत ने दायर की याचिका, पिता ने लगाया हत्या कर शव लटकाने का आरोप
इस मामले में न्याय पाने के लिए मृतका के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं अनुष्का के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने दामाद और उसके माता-पिता को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पिता का आरोप है कि दहेज के लिए उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने ससुराल पक्ष पर बेटी की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के लिए शव को पंखे से लटकाने का आरोप लगाया है।
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