West Bengal Road Accident: संदेशखाली से कार्यक्रम कर लौट रहे कलाकारों की कार बस से टकराई
West Bengal Road Accident: पश्चिम बंगाल के अंडाल के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में प्रख्यात बांग्ला कीर्तन गायक ब्रज किशोर सिंह और उनके सहयोगी हनुमान पंडित की मौत हो गई है। यह भीषण दुर्घटना तब घटी जब दोनों गायक पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में अपना कीर्तन कार्यक्रम संपन्न करने के बाद कार से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी कार की एक तेज रफ्तार बस से आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना की खबर मिलते ही झारखंड के जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र अंतर्गत खूंटाबांध और लाइबनी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
West Bengal Road Accident: कीर्तन जगत में थी गहरी पैठ, मौके पर हुई मौत
मिली जानकारी के अनुसार, बिंदापाथर थाना क्षेत्र के खूंटाबांध गांव के रहने वाले ब्रज किशोर सिंह बांग्ला कीर्तन गायन के क्षेत्र में एक बेहद प्रतिष्ठित और चर्चित हस्ती थे। अपनी सुरीली और मधुर आवाज के जरिए उन्होंने श्रोताओं के दिलों में एक खास जगह बनाई थी। उनके कीर्तन कार्यक्रमों की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके क्षेत्र में उनके चाहने वाले बड़ी संख्या में मौजूद थे।
संदेशखाली में आयोजित कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद वह अपने सहयोगी हनुमान पंडित के साथ कार से अपने घर की ओर आ रहे थे। अंडाल के समीप जैसे ही उनकी गाड़ी पहुंची, अनियंत्रित बस से भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि ब्रज किशोर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में उनके साथ मौजूद लाइबनी गांव के रहने वाले सहयोगी हनुमान पंडित ने भी इलाज या अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
West Bengal Road Accident: परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, संगीत जगत में शोक
इन दोनों कलाकारों के असामयिक और आकस्मिक निधन से पूरे बांग्ला कीर्तन जगत में गहरा सन्नाटा और शोक व्याप्त है। संगीत प्रेमियों का मानना है कि उनका इस तरह चले जाना भक्ति संगीत के क्षेत्र के लिए एक कभी न पूरी होने वाली बड़ी क्षति है। वहीं, दूसरी ओर ब्रज किशोर सिंह के परिजनों पर दुखों का भारी पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और छोटे-छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनकी परवरिश और भविष्य को लेकर अब परिवार के सामने गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं।
इसके अलावा, उनके सहयोगी हनुमान पंडित की मौत से लाइबनी गांव में भी पूरी तरह मातम पसरा हुआ है। दोनों ही परिवारों के लिए यह एक अपूरणीय आघात है। इस दुर्घटना की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांवों और आसपास के इलाकों में फैली, स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। तमाम शुभचिंतकों और स्थानीय निवासियों ने दोनों दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन घड़ी में सहनशक्ति और संबल प्रदान करने की कामना की है।
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