US Hindu Temple: ऐन वक्त पर राइफल जाम होने से टला कत्लेआम
US Hindu Temple: शिकागो/ऑरोरा। अमेरिका(United States)के इलिनोइस स्थित ऑरोरा में श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर को निशाना बनाकर किए जाने वाले एक सनसनीखेज नरसंहार की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। अदालत में पेश किए गए नए दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि 19 वर्षीय हमलावर अलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस पिछले दो साल से इस खूनी खेल की योजना बना रहा था। वारदात वाले दिन मंदिर परिसर में जब आरोपी ने हमला करने की कोशिश की, तो ऐन वक्त पर उसकी राइफल जाम हो गई। हथियार की इस खराबी के कारण मंदिर में मौजूद दर्जनों श्रद्धालुओं की जान बाल-बाल बच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीयों के प्रति गहरी नफरत से भरे इस कट्टरपंथी शूटर को गिरफ्तार कर लिया है।
US Hindu Temple: बालाजी मंदिर परिसर की 15 मिनट तक की थी रेकी
कुक काउंटी स्टेट्स अटॉर्नी कार्यालय और पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी अलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस अपनी लाल रंग की एक्यूरा आरडीएक्स कार से मंदिर पहुंचा था। वह दोपहर करीब 12:25 बजे मंदिर के पार्किंग क्षेत्र में दाखिल हुआ और 15 मिनट से भी कम समय में पूरे परिसर की रेकी की। ऑरोरा स्थित प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को निशाना बनाने की उसकी पूरी तैयारी थी। मंदिर प्रबंधन ने भी सुरक्षा खतरे की पुष्टि की है और द न्यू यॉर्क टाइम्स को मंदिर स्टाफ ने घटनाक्रम से जुड़ी जानकारियां दी हैं।
US Hindu Temple: ‘भगवान ने बचा ली जान’, नाकामी के बाद सहकर्मी को भेजा वीडियो
मंदिर में हमला करने में नाकाम रहने के बाद शूटर मौके से फरार हो गया। इसके बाद उसने अपने साथ काम करने वाले एक सहकर्मी को मैसेज कर बंदूक जाम होने की बात बताई। उसने लिखा कि जिस पर उसने गोली चलाने की कोशिश की, वह बच गया और वह आदमी आज अपने भगवान की वजह से सुरक्षित रहा। इतना ही नहीं, उसने हथियार की खराबी का एक वीडियो भी सहकर्मी को भेजा और राइफल ठीक करके दोबारा हमला करने की मंशा जताई। आरोपी अर्लिंग्टन हाइट्स स्थित टाको बेल आउटलेट में काम करता था। जागरूक सहकर्मी ने बिना देर किए तुरंत पुलिस को इस पूरी बात की सूचना दी।
घर की तलाशी में मिले नाजी प्रतीक और 8 पन्नों का नफरती घोषणापत्र
सूचना मिलते ही माउंट प्रॉस्पेक्ट और पैलेटाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी को धर दबोचा। आरोपी के घर की तलाशी लेने पर पुलिस को एक घातक एआर-स्टाइल राइफल, सैकड़ों राउंड अतिरिक्त कारतूस और बॉडी आर्मर वाली टैक्टिकल वेस्ट बरामद हुई। इसके अलावा, उसके कमरे से नाजी प्रतीक और स्वास्तिक के निशान मिले, जबकि एक गैस के कैन पर अपमानजनक शब्द लिखे हुए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एफबीआई की शिकागो टीम भी जांच में शामिल हो गई है। तलाशी के दौरान पुलिस को आठ पन्नों का एक घोषणापत्र मिला, जिसका शीर्षक ‘व्हाई आई फॉट’ (Why I Fought) था। इस दस्तावेज में उसने अश्वेतों और भारतीयों के प्रति अपनी गहरी नफरत का इजहार किया था और खुद को कट्टर श्वेत वर्चस्ववादी बताया था। उसने कबूला कि उसका कॉलेज छात्र का रूप महज एक दिखावा था और वह लंबे समय से बड़े पैमाने पर नरसंहार की योजना बना रहा था। उसने इंटरनेट के जरिए हथियार खरीदने और उन्हें मॉडिफाई करने के तरीके सीखे थे।
अमेरिका में लगातार बढ़ रही हैं भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी नफरती घटनाएं
इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश होने के बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय और हिंदू श्रद्धालुओं के बीच गहरी चिंता फैल गई है। हाल के महीनों में अमेरिका में हिंदू विरोधी नफरती अपराधों में बढ़ोतरी देखी गई है। हाल ही में क्लीवलैंड स्थित एक मंदिर पर ईंट फेंककर खिड़की के शीशे तोड़े गए थे और तोड़फोड़ की गई थी। इसके अलावा, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी भी सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर विवादों में रही है। अमेरिका में दक्षिण एशियाई लोगों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रोलिंग मीडोज कोर्ट ने बिना जमानत भेजा जेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
पुलिस ने आरोपी अलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को रोलिंग मीडोज कोर्ट में पेश किया, जहां जज ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे बिना मुचलके के जेल भेजने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। आरोपी के खिलाफ क्लास एक्स आतंकी धमकी और अवैध हथियार रखने से जुड़ी क्लास 3 की संगीन धाराएं दर्ज की गई हैं। हालांकि, पब्लिक डिफेंडर का कहना है कि अभी अदालत में आरोप साबित होना बाकी है। फिलहाल पुलिस और एफबीआई की टीमें मामले की तमाम कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं और राज्य भर के प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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