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HomecrimeJamshedpur Arms Deal: बिरसानगर में अवैध हथियार की डील का पर्दाफाश

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Jamshedpur Arms Deal: बिरसानगर में अवैध हथियार की डील का पर्दाफाश

30 हजार में बिकी देसी पिस्टल, साकची का तस्कर यश दास गिरफ्तार, तीन किशोर निरुद्ध

Jamshedpur Arms Deal: लौहनगरी जमशेदपुर में किशोरों तक अवैध हथियार पहुंचने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिरसानगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के एक बड़े नेटवर्क को तोड़ा है। पुलिस ने मौके से एक मुख्य तस्कर को धर दबोचा है। इसके साथ ही तीन विधि-विरुद्ध किशोरों को भी अपनी हिरासत में लिया है। पुलिस टीम ने इनके पास से 7.62 एमएम की एक लोडेड देसी पिस्टल बरामद की है। इसके अलावा 9 एमएम की दो जिंदा गोलियां और दो महंगे स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार तस्कर की पहचान साकची थाना क्षेत्र के गुरुनानक नगर, सोहन सिंह बगान निवासी 23 वर्षीय यश दास के रूप में की गई है। इस कार्रवाई के बाद से शहर के आपराधिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।

Jamshedpur Arms Deal: लुपुंगडीह मैदान में शाम ढलते ही पुलिस टीम ने की ताबड़तोड़ घेराबंदी

इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 11 अक्टूबर की शाम एक गोपनीय सूचना से हुई। शाम करीब 7:20 बजे पुलिस को खबर मिली कि बिरसानगर के लुपुंगडीह फुटबॉल मैदान में हथियारों का सौदा होने वाला है। कुछ लड़के वहां संदिग्ध हालत में जमा हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल बनाया गया। इस टीम में बिरसानगर थाना प्रभारी पांडू सामड समेत कई तेजतर्रार पुलिस अफसर और सशस्त्र जवान शामिल किए गए। पुलिस टीम ने पूरी रणनीति बनाकर सादे लिबास में मैदान की घेराबंदी की। रात करीब 8:30 बजे जैसे ही संदिग्ध युवक हरकत में आए, पुलिस ने चारों तरफ से धावा बोलकर उन्हें दबोच लिया।

अपनी सुरक्षा के नाम पर किशोर ने खरीदी थी पिस्टल, तलाशी में निकली गोलियां

पकड़े गए लड़कों की मौके पर ही सघन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक किशोर की कमर से 7.62 एमएम की देसी पिस्टल निकली। वहीं उसके दूसरे साथी के पास से 9 एमएम की दो जिंदा गोलियां बरामद हुईं। पुलिस ने दोनों मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिए। जब पुलिस ने मौके पर कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एक विधि-विरुद्ध किशोर ने स्वीकार किया कि उसने यह हथियार यश दास से खरीदा था। इसके लिए उसने यश दास को 30 हजार रुपये नकद चुकाए थे। किशोर का दावा था कि उसने अपनी निजी सुरक्षा के लिए यह हथियार खरीदा था। हालांकि पुलिस इस थ्योरी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। पुलिस यह पता लगा रही है कि किशोर के पास हथियार खरीदने के लिए इतनी बड़ी रकम कहां से आई।

Jamshedpur Arms Deal: साकची से बिरसानगर तक फैला नेटवर्क, जेल भेजा गया मुख्य सप्लायर

पूछताछ में यह साफ हो गया कि हथियार की आपूर्ति साकची निवासी यश दास ने ही की थी। इसके बाद पुलिस ने यश दास को अवैध आर्म्स एक्ट और खरीद-बिक्री की गंभीर धाराओं में विधिवत गिरफ्तार कर लिया। वहीं तीनों किशोरों को विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत निरुद्ध किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है। अपराधी अब किशोरों को अपने नेटवर्क में ढाल बना रहे हैं। उन्हें हथियार थमाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। पुलिस ने कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी कर सोमवार को आरोपी यश दास को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं तीनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।

शहर में अवैध हथियारों की खेप कहां से आई, सप्लायरों की तलाश में जुटी पुलिस

बिरसानगर पुलिस अब इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने में जुट गई है। पुलिस की विशेष टीम यश दास के पिछले आपराधिक इतिहास की कुंडली खंगाल रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यश दास के पास हथियार की यह खेप कहां से पहुंची थी? क्या इसके पीछे बिहार या बंगाल के हथियार तस्करों का कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है? जब्त किए गए दोनों मोबाइलों के कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट की तकनीकी जांच की जा रही है। बिरसानगर थाना प्रभारी पांडू सामड के अनुसार अवैध आर्म्स का नेटवर्क खत्म करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शहर में सक्रिय अन्य संदिग्धों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। बहुत जल्द इस गिरोह से जुड़े कुछ और चेहरों को बेनकाब किया जाएगा।

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