केरसई में 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का मामला, एसपी के निर्देश पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
Simdega POCSO Case: सिमडेगा जिले के केरसई थाना क्षेत्र में गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर 10 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पीड़िता की नानी की शिकायत पर केरसई थाना पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को दबोच लिया। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान जोलेन कुजूर के रूप में हुई है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
Simdega POCSO Case: नानी ने दर्ज कराई लिखित शिकायत, मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी
घटना को लेकर पीड़िता के परिजनों में भारी आक्रोश है। 11 अक्टूबर को पीड़िता की नानी ने केरसई थाने में लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने स्कूल के शिक्षक जोलेन कुजूर पर बेहद संगीन आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनकी 10 वर्षीय नतिनी उसी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती है। आरोपी शिक्षक लंबे समय से बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना रहा था। वह स्कूल में बच्ची के साथ जबरन दुष्कर्म करता था। इतना ही नहीं, वह मासूम को डराता-धमकाता भी था। आरोपी ने बच्ची को धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया, तो वह उसे जान से मार देगा। डरी-सहमी बच्ची काफी दिनों तक चुप रही। आखिरकार बच्ची ने हिम्मत जुटाकर अपनी आपबीती नानी को बताई। इसके बाद परिजन सीधे थाने पहुंचे और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
बीएनएस और पोक्सो की सख्त धाराओं में प्राथमिकी, पुलिस ने शुरू की गहन जांच
परिजनों के आवेदन पर केरसई थाना पुलिस ने बिना किसी देरी के सख्त कानूनी कदम उठाया। 11 अक्टूबर को थाने में कांड संख्या 26/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस 2023 की धारा 65(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया। इसके साथ ही बाल यौन अपराध संरक्षण कानून यानी पोक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 भी लगाई गई हैं। यह धाराएं नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी देने के गंभीर मामलों में लगाई जाती हैं। केस दर्ज होते ही पुलिस ने तकनीकी और जमीनी स्तर पर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। साथ ही अदालत में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
Simdega POCSO Case: एसपी के कड़े रुख के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को उसके घर से दबोचा
मामला एक मासूम स्कूली बच्ची से जुड़ा था। इसलिए सिमडेगा एसपी ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया। उन्होंने केरसई थाना प्रभारी को आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी का टास्क सौंपा। पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी शिक्षक जोलेन कुजूर को गिरफ्तार कर लिया। वह केरसई थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है। उसके पिता का नाम मेल कुशाल कुजूर है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे थाने ले आई। वहां उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने कई बातों का खुलासा किया। इसके बाद 12 अक्टूबर को पुलिस ने उसे कड़ी सुरक्षा के बीच स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।
शिक्षा के मंदिर में दरिंदगी से ग्रामीणों में उबाल, कड़ी सजा की मांग
इस घिनौनी वारदात के उजागर होने के बाद इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल को ज्ञान का मंदिर माना जाता है। शिक्षक को समाज में पूजनीय दर्जा दिया जाता है। ऐसे में एक शिक्षक द्वारा अपनी ही मासूम छात्रा के साथ ऐसी दरिंदगी करना अक्षम्य अपराध है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोपी शिक्षक को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। लोगों ने शिक्षा विभाग से भी आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय स्तर पर बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं सिमडेगा पुलिस का कहना है कि वे अदालत में पुख्ता साक्ष्य पेश करेंगे ताकि दोषी को सख्त सजा मिल सके।
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