सफाई नहीं होने पर विधायक सरयू राय ने उठाया कदम
Jamshedpur Garbage: जमशेदपुर। मानगो के बागानशाही स्थित मुर्दा मैदान में लंबे समय से जमा कचरे को लेकर रविवार, 11 अक्टूबर को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की पहल पर मैदान से कचरा उठवाकर मानगो नगर निगम कार्यालय के पास खाली जमीन पर डलवा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद शहर की सफाई व्यवस्था और कचरे के उचित निस्तारण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि मैदान में जमा गंदगी और उससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही थी। विधायक ने नगर निगम(municipal corporation) से सफाई कराने के साथ कचरा डालने के लिए निर्धारित स्थान की जानकारी भी मांगी थी। उनके अनुसार, समयसीमा बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
Jamshedpur Garbage: तीन ट्रैक्टर, एक हाईवा और जेसीबी की मदद से हटाया कचरा
रविवार को मुर्दा मैदान से कचरा हटाने के लिए तीन ट्रैक्टर, एक हाईवा और एक जेसीबी की मदद ली गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से कचरा उठाया गया। इसके बाद उसे मानगो नगर निगम कार्यालय के पास खाली पड़ी जमीन पर डाल दिया गया। यह कार्रवाई करीब शाम चार बजे हुई।
विधायक सरयू राय का कहना था कि नगर निगम को पहले ही सफाई के लिए समय दिया गया था। उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा था कि मैदान से निकलने वाले कचरे को कहां पहुंचाया जाए। उनके मुताबिक, यदि निगम की ओर से अधिकृत डंपिंग स्थल की जानकारी दे दी जाती, तो कचरे को वहां पहुंचाया जा सकता था। लेकिन उन्हें इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसी के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सफाई कराने का निर्णय लिया।
मुर्दा मैदान की बदहाल स्थिति से परेशान थे स्थानीय लोग
मानगो के बागानशाही और आजादनगर क्षेत्र में स्थित मुर्दा मैदान में कचरा जमा होने की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। आसपास रहने वाले लोगों ने मैदान की सफाई कराने की मांग उठाई थी। कचरे से फैलने वाली दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के बाद स्थिति और असुविधाजनक होने की शिकायतें सामने आई थीं।
विधायक सरयू राय के अनुसार, एक अक्टूबर को स्थानीय लोगों के बुलावे पर वह मुर्दा मैदान पहुंचे थे। वहां लोगों ने उन्हें कचरे की समस्या से अवगत कराया। मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब शहर के दूसरे हिस्सों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है, तो मुर्दा मैदान की उपेक्षा क्यों की जा रही है।
सात दिनों की मोहलत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
सरयू राय ने छह अक्टूबर को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में बताया था कि उन्होंने मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर सफाई कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि निगम कचरा नहीं हटाता है, तो स्थानीय लोग सफाई के बाद निकले कचरे को कहां ले जाएं।
विधायक ने चेतावनी दी थी कि समयसीमा के भीतर सफाई नहीं होने और कचरा डालने के स्थान की जानकारी नहीं मिलने पर स्थानीय लोगों की मदद से कचरा उठाकर नगर निगम कार्यालय के पास डलवाया जाएगा। रविवार को हुई कार्रवाई इसी चेतावनी के बाद सामने आई। इस घटनाक्रम ने नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद की स्थिति को भी चर्चा में ला दिया है।
जमीन के इस्तेमाल और घेराबंदी का मुद्दा भी अहम
मुर्दा मैदान की सफाई के साथ जमीन के संरक्षण का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है। सरयू राय के छह अक्टूबर को जारी बयान के मुताबिक, स्थानीय आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों ने मैदान की सफाई पर आपत्ति नहीं जताई थी। हालांकि, उनकी चिंता थी कि सफाई के बाद जमीन पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।
विधायक ने बताया था कि मैदान की घेराबंदी के लिए कल्याण विभाग के स्तर पर प्रस्ताव की प्रक्रिया चल रही है। उनके अनुसार, मानगो के अंचल अधिकारी की रिपोर्ट भी विभाग को भेजी गई थी। जमीन की घेराबंदी होने से मैदान को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है। इस मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
वसुंधरा एस्टेट के पास कचरा जमा होने पर भी उठे सवाल
सरयू राय ने मानगो के वसुंधरा एस्टेट के सामने स्वर्णरेखा परियोजना की जमीन पर कचरा डाले जाने का मुद्दा भी उठाया था। उनके अनुसार, इस जमीन का इस्तेमाल अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण के लिए प्रस्तावित था, लेकिन वहां कचरा जमा होने से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही थी।
विधायक ने कचरा प्रबंधन के लिए व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की जरूरत बताई थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि कचरा एक निर्धारित स्थान पर एकत्र किया जाए। इसके बाद उसे मशीन की मदद से दबाकर अधिकृत डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाए। उनका कहना था कि खुले में कचरा जमा करने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या बढ़ती है।
नगर निगम की जवाबदेही पर बढ़ी चर्चा
मुर्दा मैदान से कचरा उठाकर निगम कार्यालय के पास डालने की कार्रवाई ने सफाई व्यवस्था की जवाबदेही पर बहस तेज कर दी है। सरयू राय ने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर ध्यान देने और कचरा निस्तारण की स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की है। उन्होंने नगर निगम के कामकाज और शिकायतों के जवाब में देरी को लेकर भी सवाल उठाए।
हालांकि, इस मामले में नगर निगम की ओर से इस कार्रवाई पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
कचरा प्रबंधन के स्थायी समाधान की जरूरत
मुर्दा मैदान का मामला केवल एक स्थान की सफाई तक सीमित नहीं है। यह शहरी क्षेत्रों में कचरा संग्रह, परिवहन और अंतिम निस्तारण की व्यवस्था से भी जुड़ा है। नियमित सफाई के साथ यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उठाए गए कचरे को निर्धारित स्थान पर ही पहुंचाया जाए। इसके लिए नगर निगम, वार्ड पार्षदों और स्थानीय निवासियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
अब इस घटनाक्रम के बाद मानगो नगर निगम के सामने कचरे के निस्तारण और मैदान की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की चुनौती है। स्थानीय लोगों को राहत तभी मिलेगी, जब सफाई अभियान लगातार चले और कचरे को खुले में जमा होने से रोका जाए। साथ ही, मुर्दा मैदान की जमीन को सुरक्षित रखने और आसपास के इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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