50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई जिलों में गिरेगा पारा
Jharkhand Weather Alert: झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। आठ और नौ अक्टूबर को बारिश का अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में तेज हवाएं चलेंगी। हवा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे चलेगी। इसके साथ ही वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा।
Jharkhand Weather Alert: उत्तर-पूर्वी और मध्य जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। बुधवार को उत्तर-पूर्वी जिलों में जोरदार बारिश होगी। इससे सटे मध्यवर्ती इलाकों में भी मेघ गर्जन होगा। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान गिरेगा। तापमान में दो-तीन डिग्री की गिरावट हो सकती है। इससे सुबह और शाम में गुलाबी ठंड बढ़ेगी। पिछले चौबीस घंटों में तोपचांची में जोरदार बारिश हुई। धनबाद के तोपचांची में 113.4 मिलीमीटर पानी बरसा। निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई।
Jharkhand Weather Alert: प्रमुख शहरों में तापमान और मौसम का हाल
राज्य के प्रमुख शहरों में मिला-जुला मौसम रहा। राजधानी रांची में सुबह धूप खिली रही। दोपहर बाद आसमान में घने काले बादल घिरे। शाम तक कई इलाकों में फुहारें पड़ने लगीं। रांची में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री दर्ज किया। जमशेदपुर में न्यूनतम पारा 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा। चाईबासा में अधिकतम 34.4 और न्यूनतम 21.4 डिग्री रहा।
डाल्टनगंज और बोकारो में भी बदला मौसम का मिजाज
पलामू और कोयलांचल में भी बादलों का डेरा रहा। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहां न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री दर्ज हुआ। बोकारो में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया। बोकारो में न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी बढ़ने से उमस कम हुई है। शाम ढलते ही ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। बारिश की चेतावनी से पूजा आयोजक चिंतित हैं। पंडालों को वाटरप्रूफ बनाने पर विशेष जोर है।
वज्रपात और तेज आंधी से बचाव के लिए प्रशासनिक सलाह
विभाग ने किसानों और नागरिकों को सतर्क किया है। आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। पेड़ों और बिजली खंभों के नीचे न खड़े हों। किसान खराब मौसम में खेतों में न जाएं। आंधी से कच्चे मकानों को नुकसान हो सकता है। बिजली के उपकरणों को बंद रखने की सलाह है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा। किसी भी आपात स्थिति के लिए राहत दल तैयार हैं।
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