- तमाड़ के पूर्व विधायक की नक्सलियों ने की थी हत्या, एनआईए कर रही है जांच
Jharkhand : झारखंड के चर्चित राजनीतिक मामलों में से एक रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड आज भी सुर्खियों में बना हुआ है। 9 जुलाई 2008 को तमाड़ के तत्कालीन विधायक और पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
2008 में दिनदहाड़े हुई थी हत्या
यह घटना बुंडू थाना क्षेत्र की है, जहां नक्सलियों ने एक कार्यक्रम के दौरान रमेश सिंह मुंडा को निशाना बनाया। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी और यह मामला झारखंड के बड़े राजनीतिक हत्याकांडों में गिना जाने लगा।
एनआईए को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई। एनआईए ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और साजिश के विभिन्न पहलुओं की जांच की।
मुख्य आरोपियों में नक्सली शामिल
इस केस में कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन समेत कई अन्य लोगों का नाम सामने आया। साथ ही पूर्व मंत्री राजा पीटर भी इस मामले में आरोपी बनाए गए हैं और ट्रायल फेस कर रहे हैं।
राम मोहन सिंह मुंडा बना एप्रूवर
मामले में एक अन्य आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में 2017 में उसे एप्रूवर (सरकारी गवाह) बनाया गया, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया
यह मामला पिछले कई वर्षों से अदालत में लंबित है और ट्रायल अभी भी जारी है। हाल ही में अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर यह स्पष्ट कर दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कोई ढील नहीं दी जाएगी।
राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से अहम मामला
यह हत्याकांड न सिर्फ राजनीतिक बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसने उस समय राज्य में नक्सल प्रभाव और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
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