spot_img
spot_img
HomeझारखंडJharkhand High Court News: कब्जा हटाने की बजाय निर्माण ध्वस्त क्यों किया?...

Related Posts

Jharkhand High Court News: कब्जा हटाने की बजाय निर्माण ध्वस्त क्यों किया? सीओ से कोर्ट का सवाल

  • रांची में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

रांची: महादेव उरांव की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने हेहल के सर्किल ऑफिसर (सीओ) से कड़ा सवाल पूछा है। अदालत ने कहा कि भूमि से कब्जा हटाने के बजाय निर्माण (स्ट्रक्चर) को क्यों ध्वस्त किया गया?

सीओ ने कोर्ट में दाखिल किया सो कॉज

मामले में सीओ, हेहल की ओर से कोर्ट में सो कॉज (जवाब) दाखिल किया गया। इसमें बताया गया कि:

  • हस्तक्षेपकर्ताओं को तीन बार नोटिस दिया गया था
  • इसके बावजूद उन्होंने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए
  • इसके बाद निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई

हालांकि, इस जवाब से संतुष्ट न होकर अदालत ने नाराजगी जताई।

कोर्ट ने प्रार्थी से भी मांगा जवाब

सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थी (याचिकाकर्ता) से भी सवाल किया कि:

  • रिट याचिका दाखिल करते समय
  • हस्तक्षेपकर्ताओं से एग्रीमेंट और पैसा लेने की बात
    क्यों छुपाई गई?

कोर्ट ने इस संबंध में प्रार्थी से जवाब मांगा है।

पीड़ितों को मिली राहत जारी

अदालत ने हस्तक्षेपकर्ताओं (स्थानीय निवासियों) को पहले दी गई अंतरिम राहत को अगले आदेश तक बरकरार रखा है। यानी उनके खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई फिलहाल नहीं की जाएगी।

न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत में सुनवाई

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत में हुई। कोर्ट ने हस्तक्षेपकर्ताओं की याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें प्रतिवादी बनाया है और सीओ के जवाब पर अपना पक्ष रखने को कहा है।

अगली सुनवाई 8 मई को होगी।

सुखदेवनगर क्षेत्र से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला रांची के सुखदेवनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जुड़ा है। जिला प्रशासन ने खादगड़ा शिव दुर्गा मंदिर रोड स्थित मुंडारी प्रकृति की जमीन पर बने 12 घरों को तोड़ने का आदेश दिया था, जिसके बाद बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई।

स्थानीय लोगों का दावा – लाखों रुपये देकर खरीदी जमीन

स्थानीय निवासियों का कहना है कि:

  • उन्होंने प्रति कट्ठा 5.25 लाख रुपये के हिसाब से जमीन खरीदी
  • कुल 38.25 डिसमिल जमीन के लिए लगभग 1.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया
  • वे यहां वर्षों से रह रहे हैं

इसके बावजूद अब उन्हें बेदखल किए जाने का विरोध किया जा रहा है।

मामला बना संवेदनशील, आगे की सुनवाई अहम

यह मामला अब कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टिकोणों से संवेदनशील बन गया है। आने वाली सुनवाई में कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Also Read : Jharkhand News: फर्जी निकासी मामले में पुलिस मुख्यालय सख्त, सभी जिलों से मांगी जांच रिपोर्ट

Latest Posts