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Arka-Jain-University-Holi-Invasion-Volume-12 : आरका जैन विश्वविद्यालय में ‘होली इन्वेजन वॉल्यूम 12’ की धूम, रंगों के उत्सव में सराबोर हुआ कैम्पस

Jamshedpur/Jharkhand : ​लौहनगरी जमशेदपुर स्थित आरका जैन विश्वविद्यालय (AJU) के प्रांगण में रंगों का पावन पर्व ‘होली’ बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘होली इन्वेजन वॉल्यूम 12’ के दौरान पूरा परिसर अबीर-गुलाल और सतरंगी छटा से सराबोर नजर आया। उत्सव का मुख्य आकर्षण विश्वविद्यालय की सजावट रही, जिसे भगवान कृष्ण की लीला स्थली ‘बृज भूमि’ की तर्ज पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे छात्र- छात्राओं और शिक्षक- शिक्षिकाओं में एक अलग ही ऊर्जा एवं उमंग देखने को मिला।​​

विश्वविद्यालय मैनेजमेंट बोर्ड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एस.एस. रजी, निदेशक सह कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव, प्रतिकुलपति प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी और उप कुलसचिव डॉ. जसबीर धंजल ने संयुक्त रूप से इस भव्य कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षक- शिक्षकओं ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को होली के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व से अवगत कराया।​

सद्भाव और कुरीतियों को दूर करने का संदेश​

संबोधन के दौरान चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एस.एस. रजी ने होली को आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। निदेशक डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि होली का त्यौहार हमें बुराई पर अच्छाई की जीत की याद दिलाता है और हमें इस संदेश को अपने आचरण में अपनाना चाहिए।​वहीं, प्रतिकुलपति प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी ने होली की पौराणिक कथाओं का जिक्र करते हुए युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को सामाजिक भेदभाव, वैमनस्यता और जाति-धर्म जैसी संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर एक बेहतर समाज के निर्माण में आगे आना चाहिए। उप कुलसचिव डॉ. जसबीर धंजल ने भी वर्तमान परिप्रेक्ष्य में होली के संदेश की प्रासंगिकता पर जोर दिया।

​”होली खेले रघुवीरा…” समेत फाग की गूंज और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे कैंपस में समां बांध दिया। छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक और फिल्मी होली गीतों पर एक से बढ़कर एक नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां दीं। जैसे ही परिसर में “होली खेले रघुवीरा अवध में…”, “होलिया में उड़े रे ग़ुलाल…” समेत अन्य लोकप्रिय फगुआ गीत गूंजे, जिस पर छात्र और छात्राएं झूमने पर मजबूर हो गए। बिना किसी भेदभाव के सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर एकता का परिचय दिया।​

मालपुआ और ठंडाई समेत पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद

होली का उत्सव पकवानों के बिना अधूरा है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों और कर्मचारियों के लिए शानदार भोज का आयोजन किया गया था। इसमें पूड़ी, पुलाव, दाल और विभिन्न सब्जियों के साथ-साथ होली के खास व्यंजन जैसे दही वड़ा, मालपुआ, जलेबी, टिक्की, पकौड़े, मंचूरियन, ठंडाई और आइसक्रीम परोसी गई, जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया।​

पूरे दिन परिसर में छात्र-छात्राओं की टोलियां नृत्य करती, गीत गाती और दोस्तों के साथ सेल्फी लेकर यादें संजोती नजर आईं। यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि इसने आरका जैन विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को भी दोहराया जहां शिक्षा के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक समरसता को सहेजने का कार्य किया जाता है।

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