ओपीडी परामर्श, जांच और अस्पताल बिल का मोबाइल से सीधा भुगतान, टीएमएच प्रबंधन ने की कैशलेस सुविधा अपनाने की अपील
TMH Digital Payment: जमशेदपुर स्थित कोल्हान के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ने मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को व्यापक रूप से अपनाने की विशेष अपील की है। अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह कैशलेस, त्वरित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उन्नत डिजिटल पेमेंट गेटवे सक्रिय किया है। इसके जरिए मरीज अब अपने स्मार्टफोन से ही ओपीडी परामर्श शुल्क, पैथोलॉजिकल एवं रेडियोलॉजिकल जांच, विभिन्न डायग्नोस्टिक सेवाओं तथा इनडोर बिलिंग का भुगतान आसानी से कर सकते हैं। इससे मरीजों और तीमारदारों को बिलिंग काउंटरों पर घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने की भीषण परेशानी से स्थायी मुक्ति मिलेगी।
TMH Digital Payment: ओपीडी सेवाओं में तेजी, डॉक्टर की पर्ची मिलते ही मिनटों में जांच
टीएमएच प्रबंधन ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह से सुचारु है। इसके बावजूद कई मरीज और उनके परिजन अभी भी इस तकनीक-सक्षम व्यवस्था से पूरी तरह अवगत नहीं हैं। अस्पताल में एकीकृत यूपीआई (गूगल पे, फोनपे, पेटीएम आदि), डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग के माध्यम से पूरी तरह सुरक्षित डिजिटल भुगतान की सुविधा चौबीसों घंटे उपलब्ध है।
इस कैशलेस व्यवस्था का सबसे बड़ा और सीधा लाभ आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में इलाज कराने आने वाले हजारों दैनिक मरीजों को मिलेगा। डॉक्टर द्वारा क्लिनिकल परीक्षण या जांच लिखे जाने के तुरंत बाद मरीज अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर या लिंक के जरिए तत्काल शुल्क जमा कर सकते हैं। शुल्क जमा होते ही सिस्टम में भुगतान स्वतः दर्ज हो जाता है। इससे मरीजों को बार-बार बिलिंग काउंटरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी जांच प्रक्रिया बेहद कम समय में पूरी हो सकेगी।
TMH Digital Payment: डिस्चार्ज प्रक्रिया हुई आसान, वार्ड में बैठे-बैठे चुका सकेंगे इनडोर बिल
यह डिजिटल पहल केवल ओपीडी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अस्पताल में भर्ती इनडोर मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी वरदान साबित हो रही है। अब परिजनों को मरीज के डिस्चार्ज के समय बिलिंग ऑफिस के बाहर भारी भीड़ और कतारों में लगकर पसीने बहाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परिजन सीधे वार्ड या रूम में बैठे-बैठे अपने मोबाइल से अस्पताल के अंतिम बिल का सुरक्षित भुगतान कर सकते हैं।
डिजिटल भुगतान होते ही अस्पताल के प्रबंधन सूचना तंत्र में तत्काल रसीद और एनओसी जनरेट हो जाएगी। इससे डिस्चार्ज की कागजी प्रक्रिया में लगने वाले कई घंटों के समय की सीधी बचत होगी और मरीजों को जल्द घर लौटने में सहूलियत मिलेगी।
प्रत्येक लेनदेन की मिलेगी तत्काल पुष्टि, स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे परिजन
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस कैशलेस व्यवस्था से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिलिंग काउंटरों पर लगने वाली अनावश्यक भीड़ पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगी। बुजुर्ग मरीजों और गंभीर रोगियों के परिजनों का कीमती समय प्रशासनिक औपचारिकताओं में बर्बाद नहीं होगा। प्रत्येक सफल लेनदेन के बाद मरीज के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर डिजिटल रसीद और एसएमएस के जरिए तत्काल पुष्टि भेजी जाती है।
प्रबंधन ने शहरवासियों और दूर-दराज से आने वाले मरीजों से आग्रह किया है कि वे अस्पताल परिसर में नकद लेन-देन से बचें और डिजिटल माध्यम को अपनी आदत बनाएं। टीएमएच का स्पष्ट लक्ष्य है कि लोग औपचारिक प्रक्रियाओं में कम से कम समय उलझें और अपना पूरा ध्यान मरीज की बेहतर देखभाल व स्वास्थ्य लाभ पर केंद्रित रख सकें।
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