औरंगाबाद से जोड़ा जा रही निहारिका बस सुबह 5:15 बजे हुई दुर्घटनाग्रस्त, यात्रियों ने चालक को नींद आने और हादसे के बाद छोड़कर जाने का लगाया आरोप
Noamundi Bus Accident : पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में शनिवार तड़के एक यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस औरंगाबाद से जोड़ा जा रही थी। हादसे के समय बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे। दुर्घटना सुबह करीब 5:15 बजे हुई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री की मौत की सूचना नहीं है। हालांकि, अचानक हुई दुर्घटना से बस में सवार लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद यात्रियों को काफी देर तक सड़क किनारे इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने बस चालक और खलासी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
Noamundi Bus Accident: लंबी दूरी के सफर के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, निहारिका नाम की यात्री बस औरंगाबाद से यात्रियों को लेकर जोड़ा जा रही थी। बस ने लंबी दूरी तय की थी। शनिवार सुबह नोवामुंडी पहुंचने के दौरान अचानक दुर्घटना हो गई। बस में उस समय 40 से अधिक यात्री मौजूद थे। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लोग किसी तरह बस से बाहर निकले और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की।
यात्रियों के अनुसार, दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, किसी यात्री की मौत की खबर नहीं है। हादसे के बाद सभी लोग अपनी और अपने परिजनों की स्थिति जानने में जुट गए। विशेषकर महिलाओं और बच्चों के बीच काफी घबराहट देखी गई।
Noamundi Bus Accident: चालक को नींद आने से दुर्घटना होने की आशंका
बस में सवार यात्रियों ने आरोप लगाया कि चालक नींद की झपकी लेते हुए वाहन चला रहा था। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा के बावजूद बस में केवल एक ही चालक मौजूद था। लगातार कई घंटों तक वाहन चलाने के कारण चालक थक गया होगा। इसी वजह से उसे नींद आने की आशंका है।
यात्रियों ने यह भी सवाल उठाया कि इतनी लंबी दूरी की बस में दूसरे चालक की व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी। उनका कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए लंबी दूरी के सफर में चालक को पर्याप्त आराम मिलना जरूरी है। हालांकि, दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। चालक की लापरवाही और नींद आने संबंधी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।
हादसे के बाद यात्रियों को सड़क पर छोड़ने का आरोप
दुर्घटना के बाद यात्रियों ने बस चालक और खलासी पर मौके से चले जाने का आरोप लगाया है। यात्रियों के मुताबिक, हादसे के बाद उन्हें कोई तत्काल सहायता नहीं मिली। करीब आधे घंटे तक वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था भी नहीं की गई।
इस दौरान महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्री सड़क किनारे खड़े होकर दूसरे वाहनों का इंतजार करते रहे। लंबी दूरी की यात्रा के बाद इस तरह की स्थिति का सामना करना यात्रियों के लिए काफी परेशानी भरा रहा। यात्रियों ने कहा कि दुर्घटना के बाद बस प्रबंधन की ओर से भी तत्काल दूसरी गाड़ी उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं की गई।
Noamundi Bus Accident की सूचना पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दुर्घटनास्थल का जायजा लिया और घटना से संबंधित जानकारी जुटाई। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक जांच की जा रही है।
दुर्घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने का सवाल भी सामने आया है। फिलहाल पुलिस की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नोवामुंडी में हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्री बसों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का आरोप है कि लंबी दूरी के सफर में केवल एक चालक के भरोसे बस चलाना जोखिम भरा हो सकता है। चालक को पर्याप्त आराम नहीं मिलने की स्थिति में सड़क हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
यात्रियों ने मांग की है कि बस संचालकों को चालक की ड्यूटी और आराम के नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता और वैकल्पिक परिवहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
फिलहाल इस हादसे में किसी यात्री की मौत की सूचना नहीं मिलना राहत की बात है। लेकिन दुर्घटना के बाद यात्रियों को हुई परेशानी और चालक-खलासी पर लगाए गए आरोपों ने बस संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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