विजया गार्डन रोड पर आल्टो सवार ने वैन चालक को सरेराह पीटा, जख्मी चालक ने बच्चों को घर पहुंचाया, बिरसानागर थाने में की लिखित शिकायत
Jamshedpur School Van Assault: वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। विजय गार्डन आस्था ट्विन सिटी मेन रोड पर मंगलवार शाम एक आल्टो कार सवार ने स्कूली वैन के चालक के साथ जमकर मारपीट की। हमले में वैन चालक गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान हो गया। पीड़ित वैन चालक की पहचान बारीडीह निवासी मनीष कुमार साहू के रूप में हुई है। घटना के समय वैन में बिष्टुपुर स्थित एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम स्कूल के मासूम बच्चे सवार थे। लहूलुहान हालत में भी चालक ने हिम्मत नहीं हारी और सभी बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया। इसके बाद पीड़ित चालक ने बिरसानगर थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
Jamshedpur School Van Assault: चालक ने बताई विवाद की पूरी कहानी
पीड़ित वैन चालक मनीष कुमार साहू ने पुलिस को दिए आवेदन में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम वे स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को लेकर उनके घर छोड़ने जा रहे थे। वैन जब विजय गार्डन आस्था ट्विन सिटी मेन रोड पर पहुंची, तो आगे एक आल्टो कार चल रही थी। मनीष ने रास्ता लेने के लिए दो से तीन बार हॉर्न बजाकर पास मांगा। लेकिन कार चालक ने बार-बार पास मांगने के बावजूद रास्ता नहीं दिया और अनसुना कर दिया। इसके बाद थोड़ी दूर आगे बढ़ते ही कार चालक ने अचानक अपनी गाड़ी बीच सड़क पर रोक दी। उसने स्कूली वैन का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। फिर गाली-गलौज शुरू कर दी।
Jamshedpur School Van Assault: बिरसानगर पुलिस के समक्ष पीड़ित ने बयां किया खौफनाक मंजर
रास्ता रोकते ही आल्टो कार का चालक नीचे उतरा और वैन के पास आकर हिंसक हो गया। देखते ही देखते उसने वैन की खिड़की से हाथ अंदर डाला और दरवाजा खोल दिया। इसके बाद उसने मनीष कुमार साहू का कॉलर पकड़कर उन्हें खींचते हुए गाड़ी से बाहर सड़क पर गिरा दिया। कार सवार ने सड़क पर निहत्थे चालक पर लात-घूंसों से अंधाधुंध हमला कर दिया। मनीष ने बताया कि मौके पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन सब तमाशबीन बने देखते रहे। किसी ने भी बीच-बचाव करने की जहमत नहीं उठाई। चालक ने कई मिनटों तक मिन्नतें कीं और हाथ जोड़कर माफी मांगी, तब जाकर कार सवार के आक्रोश से उसे छुटकारा मिला। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया।
बच्चों के सामने हुई हिंसा से मासूमों में दहशत, सुरक्षा पर उठे सवाल
सड़क पर हुई इस सरेआम मारपीट के दौरान वैन के भीतर बैठे स्कूली बच्चे दहशत से चीखने-चिल्लाने लगे। मासूम बच्चों ने अपनी आंखों से अपने वैन चालक को लहूलुहान होते देखा। इस खौफनाक दृश्य से बच्चे बुरी तरह डर गए। चेहरे से खून बहने के बावजूद मनीष कुमार साहू ने अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी। उन्होंने दर्द सहते हुए वैन चलाई और एक-एक बच्चे को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया। अभिभावकों ने चालक के समर्पण की सराहना की है, लेकिन शहर की सड़कों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है।
असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने की मांग, पुलिस जांच में जुटी
सरेराह स्कूली वाहन को रोककर की गई इस गुंडागर्दी से शहरवासियों और अभिभावकों में भारी रोष है। लोगों का मानना है कि यदि आपराधिक और बेलगाम प्रवृत्ति के लोगों का मनोबल इसी तरह बढ़ता रहा, तो सड़कों पर वैन चालकों के साथ-साथ बच्चे भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। बिरसानगर थाना पुलिस को लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आल्टो कार के रजिस्ट्रेशन नंबर और आरोपी चालक की पहचान कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
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