धर्मपत्नी कल्पना सोरेन, पुत्र और भाभी सीता सोरेन संग धातकीडीह में निभाई दातुन-पानी परंपरा
Jharkhand Chief Minister Chandil: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड स्थित अपने ननिहाल धातकीडीह गांव पहुंचे। अपनी पूज्य माता रूपी सोरेन के निधन के बाद वे पहली बार ननिहाल आए। मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन और उनके पुत्र भी मौजूद रहे। संताल आदिवासी समाज की पारंपरिक मान्यताओं और सामाजिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए मुख्यमंत्री ने ननिहाल में शोक निवारण से जुड़ी परंपराएं निभाईं। अपनी मां के देहावसान के बाद ननिहाल की दहलीज पर पहुंचे मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। गांव की महिलाओं ने संताली रीति-रिवाज के अनुसार उनके पैर पखारकर आत्मीय स्वागत किया।
Jharkhand Chief Minister Chandil: संताल परंपरा के तहत संपन्न हुई दातुन-पानी रस्म
संताल आदिवासी समाज की सामाजिक मान्यताओं के अनुसार माता-पिता के देहावसान और श्राद्ध कर्म के बाद संतानों का अपने ननिहाल जाना अनिवार्य माना जाता है। इसे संताली भाषा में ‘जीवी राडेज’ यानी मन की शांति, तृप्ति और शोक मुक्ति कहा जाता है। इसके तहत दातुन-पानी की पारंपरिक रस्म अदा की जाती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने मामा चारु किस्कू और गुरुचरण किस्कू सहित पूरे परिवार के साथ बैठकर इन सभी पारंपरिक रस्मों को विधि-विधान से पूरा किया। ननिहाल के बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी और पुत्र को आशीष देकर ढांढस बंधाया। इस दौरान गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन और पारिवारिक आत्मीयता से सराबोर दिखा।
Jharkhand Chief Minister Chandil: धातकीडीह पहुंचीं भाजपा विधायक सीता सोरेन, परिवार संग हुईं शामिल
इस सामाजिक अनुष्ठान में हेमंत सोरेन के बड़े भाई स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की पत्नी और भाजपा विधायक सीता सोरेन भी अपनी दोनों पुत्रियों के साथ विशेष रूप से धातकीडीह गांव पहुंचीं। राजनीतिक व्यस्तताओं और मतभेदों से इतर पूरा परिवार इस पारिवारिक घड़ी में एक साथ खड़ा नजर आया। सीता सोरेन ने अपनी दोनों बेटियों के साथ ननिहाल के पारंपरिक रीति-रिवाजों में सहभागिता की। उन्होंने अपने मामा और परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से कुशलक्षेम पूछा। साथ ही दिवंगत सास रूपी सोरेन के ननिहाल से जुड़े संस्मरणों को याद कर भावुक हो उठीं।
कोल्हान के कई विधायक और झामुमो के वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के धातकीडीह आगमन के अवसर पर कोल्हान क्षेत्र के सभी विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सांत्वना देने के लिए झामुमो किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शेख सलीम शहजादा, संजीव किस्कू, झामुमो नेता उज्ज्वल दास और बिलाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता और आसपास के ग्रामीण भी भारी संख्या में पहुंचे। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम, चांडिल डैम का भी किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा महकमा पूरी तरह मुस्तैद रहा। धातकीडीह गांव और चांडिल के तमाम प्रमुख चौक-चौराहों पर सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक पदाधिकारी तैनात किए गए थे। जगह-जगह सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। ननिहाल जाने के क्रम में मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध चांडिल डैम का भी सपरिवार मुआयना किया। उन्होंने प्राकृतिक सुंदरता को निहारते हुए जिला प्रशासन को चांडिल डैम को विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डैम क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के विकास से स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
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