सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर शपथ ग्रहण, प्राचार्या डॉ. रीता कुमारी ने याद किए विचार
KMPM College Jamshedpur: मिसेज KMPM वोकेशनल कॉलेज में राष्ट्रीय एकता दिवस धूमधाम से मनाया गया। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना जगाना था। साथ ही शिक्षकों और छात्रों के बीच सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिला। सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाने पर विशेष बल दिया गया। कॉलेज परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का माहौल बना रहा। विद्यार्थियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए बेहद प्रेरणादायी साबित हुआ।
KMPM College Jamshedpur: सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को प्राचार्या ने किया याद
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रीता कुमारी ने विचार रखे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के अद्वितीय योगदान को याद किया। रियासतों का एकीकरण पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति से हुआ था। उनके प्रयासों से ही अखंड भारत का सपना साकार हो सका था। प्राचार्या ने कहा कि राष्ट्रीय एकता समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है। विविधता में एकता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आपसी सहयोग, प्रेम और सद्भाव से ही देश मजबूत होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सरदार पटेल के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। उनके प्रेरणादायी संबोधन को सभी ने बहुत ध्यान से सुना।
KMPM College Jamshedpur: विद्यार्थियों और शिक्षकों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
समारोह के दौरान सामूहिक शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ ली। सभी ने देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा का संकल्प लिया। देशवासियों के बीच एकता का संदेश पहुंचाने की प्रतिज्ञा की गई। आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर सहमति बनी। शपथ ग्रहण के समय परिसर में गजब का उत्साह देखा गया। युवाओं ने देश के विकास में योगदान देने का वादा किया। राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव देखकर शिक्षक भी काफी प्रभावित हुए। इस शपथ ने सभी के भीतर नई ऊर्जा का संचार किया।
विविधता में एकता और संवैधानिक मूल्यों के संवर्धन पर हुआ मंथन
सत्र के दौरान भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विविधता पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की महत्ता समझाई। समाज में आपसी सम्मान और भाईचारे को बढ़ावा देना जरूरी है। विभिन्न संस्कृतियों का संगम ही भारतीय लोकतंत्र की असली पहचान है। वक्ताओं ने कहा कि वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर सोचना होगा। देशहित को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। युवाओं को सामाजिक समरसता का अग्रदूत बनकर आगे आना होगा। विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक एकता पर अपने विचार साझा किए थे। इस वैचारिक विमर्श से छात्रों की सोच अधिक परिपक्व हुई है।
एनएसएस इकाई ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का किया आह्वान
महाविद्यालय की एनएसएस इकाई ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनएसएस स्वयंसेवकों ने राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों से जिम्मेदार और सजग नागरिक बनने की अपील की। सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। कार्यक्रम का समापन एक सशक्त और एकजुट भारत के संदेश से हुआ। राष्ट्रीय एकता ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। अंत में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ यह गरिमामय कार्यक्रम संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने इस प्रेरक आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना की है।
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