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Karim City College: अल्मा कनेक्ट में एआई पर मंथन

करीम सिटी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग और स्पार्क ने किया आयोजन, पूर्व छात्रा स्मिता साहू ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

Karim City College: जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज में अल्मा कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह विशेष सत्र कॉलेज के एलुमनाई एसोसिएशन के तहत हुआ था। अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग और स्पार्क ने इसमें सहयोग दिया था। कार्यक्रम में कॉलेज की पूर्व छात्रा स्मिता साहू मुख्य वक्ता थीं। इस सत्र का मुख्य केंद्र आधुनिक तकनीक और एआई की भूमिका थी। आज के डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव बढ़ रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया। इस ज्ञानवर्धक सत्र से विद्यार्थियों को नया दृष्टिकोण मिला है। कॉलेज परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान काफी उत्साह देखा गया।

Karim City College: तकनीक हमारी प्रेरणा है या गुरु, इस सवाल पर हुई चर्चा

सत्र के दौरान आधुनिक तकनीक के विविध पहलुओं पर विचार रखे गए। क्या तकनीक हमारी प्रेरणा है या यह हमारी गुरु बन चुकी है। इस गहरे दार्शनिक और व्यावहारिक प्रश्न पर विस्तृत चर्चा हुई थी। स्मिता साहू ने विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझा किए थे। उन्होंने बताया कि तकनीक मानव जीवन को आसान बनाती है। लेकिन तकनीक को मानवीय संवेदनाओं पर हावी नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को तकनीक का सही और संतुलित इस्तेमाल करना चाहिए। रचनात्मकता को बनाए रखने के लिए मानवीय सोच बहुत जरूरी है। वक्ता के तर्कों ने विद्यार्थियों को गहराई से सोचने को प्रेरित किया।

Karim City College: क्या एआई इंसानों को उबाऊ सोचने वाला बना रहा है

सत्र का दूसरा अहम विषय एआई और मानवीय चिंतन से जुड़ा था। क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता इंसानों को उबाऊ सोचने वाला बना रही है। इस प्रासंगिक सवाल पर वक्ता ने कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे। स्मिता साहू ने कहा कि तैयार उत्तरों पर निर्भरता घातक है। इससे सोचने और समझने की क्षमता सीमित होने लगती है। जब मस्तिष्क खुद सोचने के बजाय एआई पर टिक जाता है। तब मौलिक विचार और रचनात्मक चिंतन की क्षमता घटने लगती है। विद्यार्थियों को हमेशा लीक से हटकर सोचना चाहिए। अपनी बौद्धिक क्षमता और तार्किक दृष्टिकोण को लगातार धार देते रहें। नवाचार के लिए मानवीय कल्पनाशीलता हमेशा सबसे आगे रहेगी।

प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज और यहिया इब्राहीम ने किया स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य वक्ता का औपचारिक स्वागत किया गया। प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक यहिया इब्राहीम भी स्वागत में साथ रहे। प्राचार्य ने कहा कि पूर्व छात्रों का अनुभव नई राह दिखाता है। कॉलेज का एलुमनाई एसोसिएशन विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्मिता साहू की पेशेवर उपलब्धियों की सराहना की। यहिया इब्राहीम ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ज्ञान बढ़ता है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पूर्व छात्रों के अनुभवों से सीखने को कहा। कॉलेज प्रशासन भविष्य में भी ऐसे सत्र आयोजित करता रहेगा।

सवाल-जवाब सत्र में विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, पूर्व छात्रों से जुड़ा हुआ मजबूत

सत्र के अंतिम चरण में एक जीवंत सवाल-जवाब का दौर चला। विद्यार्थियों ने एआई और करियर से जुड़े कई रोचक सवाल पूछे। स्मिता साहू ने सभी सवालों के व्यावहारिक और प्रेरक उत्तर दिए। छात्रों ने कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों पर भी मार्गदर्शन मांगा। इस संवाद से विद्यार्थियों की कई जिज्ञासाओं और संशयों का समाधान हुआ। इस आयोजन ने पूर्व छात्रों और संस्थान के रिश्ते को मजबूत किया। विद्यार्थी अपने वरिष्ठ सहयोगियों से मिलकर बहुत उत्साहित दिखे। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। यह शैक्षणिक सत्र सभी प्रतिभागियों के लिए बेहद यादगार साबित हुआ।

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