- गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता और केंद्रीय रामनवमी महासमिति के पूर्व अध्यक्ष थे आदित्य प्रसाद साहू
Jharkhand: खूंटी जिले के प्रख्यात समाजसेवी (Renowned Social Worker), गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता और केंद्रीय रामनवमी महासमिति के पूर्व अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू का रविवार देर रात निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और रांची स्थित रिम्स में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
लंबे समय से थे अस्वस्थ
जानकारी के अनुसार आदित्य प्रसाद साहू पिछले कई महीनों से बीमार थे। उनका इलाज रांची के रिम्स अस्पताल में चल रहा था, जहां रविवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार सुबह उनके निधन की सूचना मिलते ही खूंटी के डीएवी रोड स्थित आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक प्रतिनिधि और आम नागरिक उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
Khunti News: तजना मुक्ति धाम में हुआ अंतिम संस्कार
आदित्य प्रसाद साहू का अंतिम संस्कार सोमवार को स्थानीय तजना मुक्ति धाम में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। उनके निधन को खूंटी जिले के सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े थे
आदित्य प्रसाद साहू समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वे झारखंड प्रदेश कान्यकुब्ज वैश्य हलवाई समिति, अखिल विश्व गायत्री परिवार खूंटी शाखा, केंद्रीय रामनवमी महासमिति, चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित कई महत्वपूर्ण संगठनों से जुड़े हुए थे। उन्होंने वर्षों तक सामाजिक समरसता, धार्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य किया।
Khunti News: रामनवमी महासमिति में निभाई अहम भूमिका
केंद्रीय रामनवमी महासमिति में आदित्य प्रसाद साहू ने लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। वे महासमिति के उस्ताद रहे और रामनवमी पर्व के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। महासमिति के अध्यक्ष अनूप साहू और महामंत्री जितेंद्र कश्यप ने कहा कि आदित्य प्रसाद साहू सनातन संस्कृति के सच्चे संरक्षक और समाज को जोड़ने वाले व्यक्तित्व थे।
नागपुरी भाषा और संस्कृति के थे जानकार
सामाजिक और धार्मिक कार्यों के साथ-साथ आदित्य प्रसाद साहू नागपुरी भाषा और संस्कृति के भी अच्छे जानकार थे। उन्हें नागपुरी साहित्य और लोक परंपराओं से विशेष लगाव था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे हमेशा क्षेत्रीय भाषा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रयासरत रहते थे।
Khunti News: नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
आदित्य प्रसाद साहू के निधन पर कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधियों ने उनके योगदान को याद करते हुए इसे समाज के लिए बड़ी क्षति बताया। शोक व्यक्त करने वालों में Kariya Munda, Kalicharan Munda, Arjun Munda, Neelkanth Singh Munda, तथा Koche Munda सहित कई गणमान्य लोग शामिल हैं।
समाज ने खोया एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व
आदित्य प्रसाद साहू का जीवन समाज सेवा, धार्मिक समर्पण और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए समर्पित रहा। उनके निधन से खूंटी जिले ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने वर्षों तक समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया।
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