- डॉ. विशेश्वर यादव ने सरकार पर साधा निशाना, आंदोलन की चेतावनी
Jharkhand TET language issue : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 की नियमावली में उर्दू, भोजपुरी और मगही भाषाओं को शामिल नहीं किए जाने को लेकर विरोध तेज हो गया है। झारखंड लोकमंच के महामंत्री एवं झारखंड राज्य बीएड प्राध्यापक संघ, रांची के महासचिव डॉ. विशेश्वर यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के इस निर्णय पर कड़ा ऐतराज जताया है। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में इन तीनों भाषाओं उर्दू, भोजपुरी और मगही बोलने और समझने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है। इसके बावजूद इन भाषाओं को शिक्षक पात्रता परीक्षा की नियमावली में स्थान नहीं देना भाषाई समुदायों के साथ अन्याय है।

भाषाई समुदायों से एकजुट होकर विरोध का आह्वान
उन्होंने उर्दू, भोजपुरी और मगही भाषी लोगों से एकजुट होकर इस फैसले का विरोध करने का आह्वान किया। डॉ. यादव ने कहा कि झारखंड में कई जनप्रतिनिधि इन भाषाओं के समर्थन के आधार पर ही विधायक और सांसद बने हैं, ऐसे में उन्हें भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आने वाले चुनाव में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।
सरकार की नीति पर सवाल, न्यायालय जाने की चेतावनी
डॉ. यादव ने सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकार की नियमावली में कई खामियां हैं। उन्होंने विपक्षी दलों से भी इस मुद्दे पर सहयोग की अपील की। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही इस विषय पर विस्तृत बैठक की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।



