हाथ में तिरंगा लेकर पहुंचे थे कार्यकर्ता, अभिजीत दीपके ने पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल
Delhi CJP Protest: राजधानी दिल्ली में सियासी पारा चढ़ गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता हिरासत में लिए गए। पार्टी सह-संयोजक सौरव दास को पुलिस ने पकड़ा। साथ ही आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया। दोनों नेता जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। इसके बाद नेताओं को जबरन गाड़ी में बिठाया। इनके साथ अजिंक्य शिंदे भी पकड़े गए। कई अन्य समर्थकों को भी हिरासत में भेजा गया।
Delhi CJP Protest: हाथ में तिरंगा लेकर आगे बढ़े थे कार्यकर्ता
सीजेपी कार्यकर्ता सुबह-सुबह जंतर-मंतर पहुंचे थे। उनके हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा था। वे शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रहे थे। सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे जाने से रोका। कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने फौरन सभी को हिरासत में लिया। उन्हें संसद मार्ग थाने ले जाया गया। पार्टी ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया।
Delhi CJP Protest: अभिजीत दीपके ने एक्स पर शेयर किया वीडियो
संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो साझा किया। वीडियो में समर्थक जंतर-मंतर जाते दिखे। दीपके ने लिखा कि कार्यकर्ता तिरंगा लेकर पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने लिखा, नरेंद्र मोदी विरोध को दबा नहीं सकते। नागरिक चुप रहने से साफ इनकार करते हैं। कौन प्रदर्शन कर रहा है, यह मायने नहीं रखता। अहम यह है कि जनता आवाज उठा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उठ रहे सवाल
सोशल मीडिया पर प्रदर्शन को लेकर बहस छिड़ी। एक यूजर ने ज्ञानेश कुमार पर पोस्ट किया। यूजर ने लिखा कि लोग अविश्वास जता चुके हैं। इस पर अभिजीत दीपके ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक अधिकारों की बात जरूरी है। विपक्ष का मार्च भी इसी मुद्दे पर था। जनता चुनाव आयोग से पारदर्शिता चाहती है। एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया की मांग जोर पकड़ रही।
राहुल गांधी और विपक्षी नेता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
इससे पहले विपक्ष का मार्च भी रोका गया था। विपक्षी दल कनॉट प्लेस से निकले थे। यह पैदल मार्च सुप्रीम कोर्ट जा रहा था। पुलिस ने मंडी हाउस के पास मार्च रोक दिया। शाम करीब सात बजे बड़ा सियासी मोड़ आया। राहुल गांधी अन्य नेताओं संग चकमा देकर निकले। वे सीधे सुप्रीम कोर्ट परिसर पहुंच गए। वहां विपक्षी नेताओं ने एक याचिका दायर की। याचिका में चुनाव आयोग और एसआईआर का मुद्दा उठाया।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का दिया संदेश
सीजेपी नेताओं ने आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि नागरिकों की आवाज नहीं दबेगी। शांतिपूर्ण विरोध करना संवैधानिक अधिकार है। पुलिस बल का प्रयोग कर इसे नहीं रोक सकते। दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। चुनाव सुधारों की मांग अब तेज हो चुकी है। कार्यकर्ता अपनी मांग पर पूरी तरह अडिग हैं। उन्होंने जनता से लोकतंत्र बचाने की अपील की। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई।
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