- पटमदा, पोटका, बहरागोड़ा और चाकुलिया में गिरे हजारों आम, किसानों ने मांगा मुआवजा
Jharkhand: पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा, पोटका, बहरागोड़ा और चाकुलिया प्रखंडों में मंगलवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवाओं के कारण कई गांवों में आम के बागानों से बड़ी मात्रा में कच्चे और तैयार आम टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण आम की पैदावार काफी अच्छी हुई थी और बाजार में बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अचानक आए तूफान ने महीनों की मेहनत को बर्बाद कर दिया।
बिरसा हरित ग्राम योजना के बागान भी प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्रों में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगाए गए आम के बागान भी आंधी-तूफान की चपेट में आ गए। कई स्थानों पर पेड़ों की बड़ी-बड़ी डालियां टूट गईं, जबकि हजारों की संख्या में आम जमीन पर बिखर गए। ग्रामीणों के अनुसार तेज हवा इतनी जबरदस्त थी कि कुछ छोटे पेड़ भी जड़ से उखड़ गए। बुधवार सुबह जब किसान अपने बागानों में पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर मायूस हो गए।
Jharkhand Weather News: “20 क्विंटल आम जमीन पर गिर गए” — किसान कुनू मुंडा
पटमदा प्रखंड के जमुआ पंचायत निवासी किसान कुनू मुंडा ने बताया कि उनके बागान से करीब 20 क्विंटल आम टूटकर गिर गए। उन्होंने कहा कि एक साथ इतनी बड़ी मात्रा में गिरे आमों की बिक्री कर पाना संभव नहीं हो सका। कुनू मुंडा ने कहा कि कई आम खराब होने लगे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस बार अच्छी फसल के कारण बेहतर आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन तूफान ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
कई किसानों को मुफ्त में बांटने पड़े आम
माचाडीहा गांव के किसान और पूर्व मुखिया प्रभाष हांसदा ने बताया कि उनके बागान में भी लगभग 10 क्विंटल आम झड़ गए। बाजार में तत्काल खरीदार नहीं मिलने के कारण उन्हें कई लोगों के बीच मुफ्त में आम बांटना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते कोई खरीद या भंडारण व्यवस्था करता, तो किसानों को कुछ राहत मिल सकती थी।
Jharkhand Weather News: कई गांवों में किसानों की बढ़ी चिंता
जोभी, कालियाम, माटियाबांधी, बेलडीह और आसपास के कई गांवों में भी आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों के अनुसार कई किसानों ने बैंक और स्वयं सहायता समूहों से कर्ज लेकर बागानों की देखभाल की थी। अब फसल बर्बाद होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर सरकारी सहायता नहीं मिली, तो उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से मांगी राहत
आंधी-तूफान के बाद प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कृषि विभाग से प्रभावित गांवों का दौरा कर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और किसानों को राहत पहुंचाने की मांग की है।



