- भीषण गर्मी में सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल, दानवीर भामाशाह के आदर्शों को किया याद
Jamshedpur: के साकची गोलचक्कर पर बुधवार को महा दानवीर भामाशाह की जयंती श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाई गई। भीषण गर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राहगीरों के बीच चना-गुड़ और ठंडा पानी वितरित कर लोगों को राहत पहुंचाई।
गर्मी में राहगीरों को मिली राहत
तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच इस सेवा कार्य से राहगीरों को काफी राहत मिली। लोगों ने रुककर जलपान किया और आयोजकों के इस प्रयास की सराहना की। कुछ समय के लिए आयोजन स्थल पर भीड़ भी देखने को मिली।
सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि: आयोजक
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे मोहन साव और मनोज गुप्ता ने कहा कि भामाशाह केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण और दानशीलता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों और राहगीरों की सेवा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
इतिहास में भामाशाह का योगदान
आयोजकों ने बताया कि भामाशाह ने महाराणा प्रताप को कठिन समय में अपनी पूरी संपत्ति समर्पित की थी। हल्दीघाटी के युद्ध के बाद उन्होंने लगभग 25 लाख रुपये और विशाल संपत्ति देकर मेवाड़ की सेना को पुनर्गठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी कारण उन्हें भारतीय इतिहास में महान दानवीर के रूप में जाना जाता है।
स्थानीय लोगों की भागीदारी
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, दुकानदार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने मिलकर सेवा कार्य को सफल बनाया और समाज में सहयोग व मानवता का संदेश दिया।
आगे भी जारी रहेंगे सेवा कार्य
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, खासकर गर्मी के मौसम में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल सेवा और खाद्य वितरण अभियान चलाए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने भामाशाह के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।



