Palamu News: मणिपाल हेल्थ कैंप ने सिविल सर्जन को लिखा पत्र; बकाया न मिलने पर CGHS दरों पर वसूला जाएगा शुल्क
Palamu News: मेदिनीनगर। पलामू जिले के प्रमुख सरकारी अस्पताल मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में इलाज कराने आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ा झटका लग सकता है। अस्पताल में संचालित होने वाली मुफ्त सीटी स्कैन (CT Scan), अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे (Digital X-Ray) जांच सेवाओं पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। जांच सेवा संचालित कर रही एजेंसी ‘मणिपाल हेल्थ कैंप’ (Manipal Health Camp) ने भारी-भरकम बकाया राशि का भुगतान न होने की स्थिति में आगामी 1 नवंबर से मुफ्त जांच सेवाएं पूरी तरह बंद करने की अंतिम चेतावनी दे दी है। यदि स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय रहते बकाये का निपटारा नहीं किया गया, तो मरीजों को जेब से पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
Palamu News: दो प्रमुख योजनाओं के तहत लंबे समय से लंबित है ₹1.24 करोड़ का भुगतान
मणिपाल हेल्थ कैंप कंपनी के पलामू मैनेजर शैलेंद्र कुमार सिंह ने इस गंभीर समस्या के बाबत पलामू के सिविल सर्जन (Civil Surgeon) को एक आधिकारिक पत्र सौंपा है। कंपनी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के पास उनका करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक का बकाया बिल लंबित पड़ा है, जिसके कारण सेवाओं का नियमित संचालन असंभव होता जा रहा है। बकाये का ब्योरा निम्नलिखित है:
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बीपीएल मद (BPL Category): मार्च 2026 से अगस्त 2026 तक लगभग ₹96.14 लाख से अधिक का भुगतान अटका हुआ है।
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झारखंड राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (JSSK): अगस्त 2024 से अगस्त 2026 तक करीब ₹28.45 लाख की राशि लंबित है।
कंपनी का कहना है कि लंबे समय से बकाया का भुगतान न होने से जांच में लगे अत्याधुनिक उपकरणों के रखरखाव, सामग्री (Consumables) के खर्च और कार्यरत मेडिकल स्टाफ व तकनीशियनों के नियमित वेतन भुगतान पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
31 अक्टूबर तक भुगतान न होने पर 1 नवंबर से वसूला जाएगा CGHS शुल्क
सेवा प्रदाता कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि स्वास्थ्य विभाग 31 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित नहीं करता है, तो 1 नवंबर से मुफ्त जांच की सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। इसके बाद अस्पताल आने वाले मरीजों को निर्धारित CGHS (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) दरों के आधार पर सशुल्क (Paid) जांच करानी होगी।
गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर बढ़ेगा अतिरिक्त आर्थिक बोझ
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) पलामू प्रमंडल का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां पलामू के अलावा गढ़वा और लातेहार जिलों से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर और बीपीएल श्रेणी के मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में यदि 1 नवंबर से मुफ्त जांच सेवा ठप होती है, तो निर्धन मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक मार पड़ना तय है। फिलहाल हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन 31 अक्टूबर से पूर्व क्या कदम उठाता है।
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