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National News: ‘टाटा को आपराधिक तरीके से किया जा रहा बर्बाद’, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और आरबीआई पर साधा निशाना

National News: नोएल टाटा द्वारा टाटा संस के पुनर्गठन और एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति पर उठाए गए सवालों के बाद आया राहुल गांधी का बड़ा बयान

National News: नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी घराने ‘टाटा’ (Tata Group) के अंदरूनी विवादों और सरकारी दबाव को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि देश की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कंपनी टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने उद्योग जगत की खामोशी पर सवाल उठाते हुए भारतीय कारोबारियों से पूछा कि वे कब तक चुप रहेंगे? क्या तब तक, जब तक कि उन्हें पूरी तरह कब्जे में न ले लिया जाए?

राहुल गांधी का यह तीखा बयान टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा द्वारा टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी को लिखे गए एक विवादित पत्र के ठीक एक दिन बाद आया है। 26 अक्टूबर को लिखे पत्र में नोएल टाटा ने एन चंद्रशेखरन की चेयरमैन पद पर पुनर्गठन व पुनः नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए 17 सितंबर को आयोजित बोर्ड बैठक की पूरी ऑडियो, वीडियो रिकॉर्डिंग, मिनट्स और वोटिंग डिटेल्स की मांग की थी।

National News: RBI के लिस्टिंग आदेश और टाटा संस के पुनर्गठन पर विवाद

दरअसल, टाटा ग्रुप और केंद्र सरकार/भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच मुख्य विवाद टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने और कंपनी के पुनर्गठन को लेकर गहराया हुआ है:

  • शेयर बाजार में लिस्टिंग का दबाव: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारत सरकार चाहती है कि टाटा संस को एक अपर लेयर NBFC होने के नाते शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्ट कराया जाए। वहीं दूसरी तरफ, देश का सबसे पुराना कारोबारी समूह चाहता है कि टाटा की तमाम कंपनियां पूर्व की भांति ‘टाटा ट्रस्ट’ के पूर्ण नियंत्रण और स्वामित्व में ही संचालित होती रहें।

  • एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी का मामला: टाटा संस में टाटा ट्रस्ट की सबसे बड़ी हिस्सेदारी के बाद दूसरी बड़ी हिस्सेदारी (18.4%) शापूरजी पालोनजी (SP Group) की है। एसपी ग्रुप लंबे समय से टाटा संस को लिस्ट कराने के पक्ष में है ताकि वह अपने शेयर बेचकर करीब 25,000 करोड़ रुपये का भारी कर्ज चुका सके।

  • RBI द्वारा विलय प्रस्ताव खारिज: गत 28 सितंबर को टाटा ट्रस्ट ने पुनर्गठन का एक प्रस्ताव दिया था, जिसके तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम सॉल्यूशंस और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स को टाटा संस में विलय (Merge) करने का सुझाव था। इस विलय का मुख्य उद्देश्य टाटा संस की मार्केट वैल्यू बढ़ाकर उसे NBFC कैटेगरी से बाहर निकालना था। हालांकि, आरबीआई ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जबकि बोर्ड के भीतर भी इसे लेकर तीखी असहमति देखी गई।

‘भारतीय कारोबार मोदी-शाह के खिलौने नहीं’: राहुल गांधी

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने उद्योगपतियों और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा, “भारतीय कारोबार मोदी और शाह के खिलौने नहीं हैं। आपमें हिम्मत की कमी हो सकती है, लेकिन हममें नहीं है। हम इन तमाम अपराधों और मनमानी के खिलाफ न्याय सुनिश्चित करेंगे।”

गौरतलब है कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में अपने बयान में स्पष्ट किया था कि टाटा संस एक बड़ी एनबीएफसी (Non-Banking Financial Company) है और नियमानुसार उसे बाजार में लिस्ट होना ही चाहिए। वहीं, खबरों के मुताबिक नोएल टाटा ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र भेजकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन अब तक उन्हें समय नहीं मिल सका है। इस पूरे घटनाक्रम ने देश के कॉरपोरेट और राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है।

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