कसमार के गट्टीगाढ़ा गांव में शुक्रवार शाम हुई घटना, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर चला रहे सर्च अभियान
Bokaro News: बोकारो जिले के कसमार प्रखंड स्थित गट्टीगाढ़ा गांव में तालाब में डूबे 70 वर्षीय महावीर महतो का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार देर शाम हुई इस घटना के बाद से उनकी तलाश की जा रही है। एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर तालाब में खोज अभियान चला रहे हैं। हालांकि, अब तक सफलता नहीं मिली है। तालाब में पानी अधिक होने के कारण बचाव दल को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल महावीर महतो की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उनकी तलाश जारी है और गांव में चिंता का माहौल है।
Bokaro News: तालाब में डूबे महावीर महतो का सुराग नहीं, तलाश जारी
कसमार के गट्टीगाढ़ा गांव में 70 वर्षीय बुजुर्ग की खोज में जुटी एनडीआरएफ टीम, अधिक पानी से अभियान में परेशानी
Bokaro News: बोकारो जिले के कसमार प्रखंड स्थित गट्टीगाढ़ा गांव में तालाब में डूबे 70 वर्षीय महावीर महतो की तलाश जारी है। शुक्रवार देर शाम हुई घटना के बाद से उनकी खोज की जा रही है। एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर तालाब में लगातार अभियान चला रहे हैं। हालांकि, अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। तालाब में पानी अधिक होने के कारण खोज अभियान में परेशानी आ रही है। फिलहाल महावीर महतो की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद से गांव के लोग चिंतित हैं और उनके मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
Bokaro News: गट्टीगाढ़ा गांव के तालाब में लगातार चल रहा सर्च अभियान
महावीर महतो के तालाब में डूबने की जानकारी मिलने के बाद से ही उनकी तलाश शुरू कर दी गई थी। खोज अभियान में एनडीआरएफ की टीम के साथ स्थानीय गोताखोर भी जुटे हैं। टीम तालाब में संभावित स्थानों पर उनकी तलाश कर रही है। इसके बावजूद अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
तालाब में पानी की अधिकता के कारण अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। ऐसे में खोज अभियान में सावधानी बरतनी पड़ रही है। टीम लगातार प्रयास कर रही है। फिलहाल घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। महावीर महतो के परिजनों और ग्रामीणों को उनके मिलने का इंतजार है।
मौत की पुष्टि नहीं, गांव में चिंता का माहौल
घटना के बाद गट्टीगाढ़ा गांव में चिंता का माहौल है। 70 वर्षीय महावीर महतो के तालाब में डूबने की सूचना से ग्रामीण परेशान हैं। उनकी तलाश में अभियान जारी है। हालांकि, अब तक उनका पता नहीं चल पाया है। इसलिए उनकी मौत की पुष्टि करना उचित नहीं होगा।
फिलहाल प्राथमिकता उन्हें तलाशने की है। अभियान में जुटी टीम तालाब में खोजबीन कर रही है। घटना किस परिस्थिति में हुई, इसकी विस्तृत जानकारी भी अभी उपलब्ध नहीं है। जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
बोकारो में पहले भी सामने आ चुके हैं तालाब में डूबने के मामले
बोकारो जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान तालाबों में डूबने की कई घटनाएं सामने आई हैं। नहाने, मछली पकड़ने और अन्य कामों के दौरान गहरे पानी में जाने से लोगों की जान गई है। इन घटनाओं ने जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है।
सितंबर 2026 में पेटरवार क्षेत्र के केंदुवाडीह गांव में 61 वर्षीय लालचंद महतो की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। वह करम पर्व के दौरान सालूक का फूल लाने तालाब गए थे। अगले दिन उनका शव बरामद किया गया था।
जुलाई 2026 में चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खमारबेंदी गांव में भी तालाब में डूबने की घटना हुई थी। इस हादसे में 34 वर्षीय रघु रजवार और उनके सात वर्षीय बेटे शिबू रजवार की मौत हो गई थी। दोनों तालाब में नहाने गए थे।
2026 और पिछले वर्षों में हुए अन्य हादसे भी चिंता का विषय
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2026 में नावाडीह प्रखंड के नारायणपुर गांव स्थित निजी तालाब में मछली पकड़ने के दौरान चोलेश्वर महतो की डूबने से मौत हो गई थी। वहीं, जून 2026 में बोकारो थर्मल में तालाब में नहाने के दौरान मिल्टन यादव के बड़े बेटे दीपक यादव की जान चली गई थी।
मई 2025 में चंदनकियारी के गमहरिया गांव में तालाब में डूबने से लता दास, उनकी दो बेटियों शिखा और तन्वी तथा शांति देवी की मौत हुई थी। मई 2024 में पेटरवार के विशेश्वर धाम मंदिर परिसर स्थित तालाब में डूबने से तीन बच्चों तालिब हुसैन, आरिफ और विवेक कुमार महतो की मौत हो गई थी।
ये घटनाएं बताती हैं कि तालाबों के आसपास सावधानी बरतना कितना जरूरी है। खासकर गहरे पानी वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है।
महावीर महतो की तलाश पर टिकी ग्रामीणों की निगाहें
गट्टीगाढ़ा गांव में फिलहाल सभी की निगाहें खोज अभियान पर टिकी हैं। एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर महावीर महतो की तलाश में जुटे हैं। पानी अधिक होने से अभियान में चुनौतियां आ रही हैं, लेकिन तलाश जारी है।
फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आगे की जानकारी खोज अभियान के परिणाम और संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


