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Khunti News: तीन स्कूलों का विलय, छह होंगे बंद

खूंटी में विद्यालयों के पुनर्गठन पर जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की मुहर

Khunti News: झारखंड के खूंटी जिले में विद्यालयों के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिले के तीन विद्यालयों का दूसरे स्कूलों में विलय किया जाएगा। वहीं, विद्यार्थियों का नामांकन शून्य रहने के कारण छह विद्यालयों को बंद करने का फैसला लिया गया है। इन प्रस्तावों को जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। इससे पहले संबंधित ग्रामसभाओं और प्रखंड शिक्षा समितियों ने विद्यालयों के विलय और बंद करने की अनुशंसा की थी। स्थानीय स्तर से मिले प्रस्तावों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया। इस प्रक्रिया के तहत जिले के कुल नौ विद्यालयों की स्थिति में बदलाव होगा।

Khunti News: करगे के स्कूल का ईरूद में होगा विलय

विद्यालयों के विलय से जुड़े फैसले में खूंटी सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, करगे का नाम शामिल है। इस विद्यालय को राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ईरूद में समाहित किया जाएगा। इसके बाद करगे विद्यालय के विद्यार्थियों को संबंधित विलय व्यवस्था के तहत दूसरे विद्यालय से जोड़ा जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों और विद्यालयों की व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करना है। हालांकि, विलय के बाद शिक्षकों की तैनाती, विद्यार्थियों के स्थानांतरण और कक्षाओं के संचालन को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

Khunti News: बुरूहातू और सगा के विद्यालय भी होंगे दूसरे स्कूलों में शामिल

विलय के लिए चुने गए अन्य दो विद्यालयों में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, बुरूहातू और नव प्राथमिक विद्यालय, सगा शामिल हैं। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, बुरूहातू को राजकीय उत्क्रमित मध्य सह उत्क्रमित उच्च विद्यालय, लांदूप में समाहित किया जाएगा। वहीं, नव प्राथमिक विद्यालय, सगा का विलय उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, बारूडीह में किया गया है। इन तीनों विद्यालयों के विलय से संबंधित प्रस्तावों को जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति ने मंजूरी दी है। अब इन फैसलों के क्रियान्वयन के दौरान संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों और शैक्षणिक व्यवस्था को ध्यान में रखना होगा।

Khunti News: नामांकन शून्य रहने पर छह विद्यालयों को बंद करने का फैसला

जिले में छह ऐसे विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया गया है, जहां विद्यार्थियों का नामांकन शून्य है। ये विद्यालय अड़की, मुरहू और तोरपा प्रखंड में स्थित हैं। शिक्षा व्यवस्था के पुनर्गठन के तहत इन विद्यालयों को बंद करने का प्रस्ताव स्थानीय स्तर से आया था। ग्रामसभा और प्रखंड शिक्षा समिति की अनुशंसा के बाद जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति ने इन प्रस्तावों पर विचार किया। इसके बाद विद्यालयों को बंद करने के निर्णय को मंजूरी दी गई। इस कदम के पीछे संबंधित विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन नहीं होना प्रमुख आधार बताया गया है।

अड़की प्रखंड के दो विद्यालय बंद होंगे

अड़की प्रखंड में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, प्रिरतीटोली और उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, चोन्डोरडीह को बंद करने का निर्णय लिया गया है। दोनों विद्यालयों में नामांकन शून्य रहने के कारण इन्हें बंद करने का प्रस्ताव रखा गया था। स्थानीय स्तर पर अनुशंसा के बाद इन प्रस्तावों को जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की मंजूरी मिली। विद्यालयों को बंद करने की प्रक्रिया के दौरान भवनों, उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों की स्थिति से जुड़े प्रशासनिक पहलुओं का निस्तारण भी आवश्यक होगा। हालांकि, इन मामलों में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की समयसीमा की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मुरहू प्रखंड के तीन विद्यालय सूची में शामिल

मुरहू प्रखंड में तीन विद्यालयों को बंद करने का फैसला लिया गया है। इनमें उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, जलासार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मधुकमडीह और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, उबुरू शामिल हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन शून्य रहने के आधार पर बंद करने की अनुशंसा की गई थी। इसके बाद जिला स्तर पर प्रस्तावों पर विचार कर निर्णय लिया गया। इस तरह मुरहू प्रखंड में बंद होने वाले विद्यालयों की संख्या तीन होगी। संबंधित विद्यालयों के बंद होने के बाद उनके संसाधनों और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

तोरपा के सरंगलोया विद्यालय को भी बंद करने की मंजूरी

तोरपा प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, सरंगलोया को भी बंद किए जाने वाले विद्यालयों की सूची में शामिल किया गया है। इस विद्यालय में भी नामांकन शून्य रहने के कारण इसे बंद करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अड़की और मुरहू प्रखंड के विद्यालयों को मिलाकर बंद होने वाले स्कूलों की कुल संख्या छह हो गई है। जिला स्तर पर लिए गए इस निर्णय के बाद संबंधित विद्यालयों के भविष्य और उपलब्ध संसाधनों के प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

ग्रामसभा से जिला समिति तक पूरी हुई निर्णय प्रक्रिया

विद्यालयों के विलय और बंद करने का निर्णय सीधे जिला स्तर पर नहीं लिया गया। पहले संबंधित ग्रामसभाओं और प्रखंड शिक्षा समितियों ने प्रस्तावों पर विचार किया। इसके बाद उनकी अनुशंसाएं जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति के समक्ष रखी गईं। समिति की बैठक में इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और मंजूरी दी गई। इस प्रक्रिया के तहत तीन विद्यालयों का दूसरे विद्यालयों में विलय होगा, जबकि नामांकन शून्य रहने के कारण छह विद्यालय बंद किए जाएंगे।

विद्यालयों के पुनर्गठन के बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। विशेष रूप से विलय वाले विद्यालयों के विद्यार्थियों को किस तरह दूसरे विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा, इस पर आगे की कार्रवाई की जानकारी मिलना बाकी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति ने कुल नौ विद्यालयों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

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