- बालूमाथ के गुरतुर गांव की घटना, अंधविश्वास के चलते वारदात की आशंका; पुलिस ने शुरू की जांच
Jharkhand: लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित गुरतुर गांव में शुक्रवार को अंधविश्वास से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई। गांव के 65 वर्षीय वृद्ध केशव राम की टांगी से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपित महिला को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
Latehar News: घर के बाहर बैठे थे वृद्ध, अचानक हुआ हमला
स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार को केशव राम अपने घर के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान गांव की रहने वाली सुनीता कुमारी हाथ में टांगी लेकर वहां पहुंची और उन पर लगातार कई वार कर दिए। हमला इतना गंभीर था कि केशव राम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई।
आरोपित महिला ने लगाया ओझा-गुनी का आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला का आरोप है कि केशव राम ओझा-गुनी (तंत्र-मंत्र) करते थे। महिला का कहना है कि केशव राम ने कथित रूप से ओझा-गुनी के जरिए पहले उसके पिता की जान ली थी और अब उसे भी नुकसान पहुंचा रहे थे। इसी संदेह के चलते उसने यह हमला किया। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
Latehar News: ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बालूमाथ थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपित महिला सुनीता कुमारी को गिरफ्तार कर लिया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए गए हैं, ताकि मामले के हर पहलू की जांच की जा सके।
Latehar News: पुलिस का बयान
बालूमाथ थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला अंधविश्वास से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपित महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंधविश्वास बना जानलेवा
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंधविश्वास आज भी कई ग्रामीण इलाकों में गंभीर सामाजिक समस्या बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देकर ही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।



