- 11 करोड़ रुपये की कथित अवैध निकासी मामले में अदालत सख्त, अशोक भंडारी, सतीश कुमार और काजल मंडल को नहीं मिली राहत
Jharkhand: बहुचर्चित बोकारो ट्रेजरी घोटाला मामले में सीआईडी की विशेष अदालत ने बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने लेखा शाखा के एसएसआई अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार और काजल मंडल को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। इससे पहले अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का है मामला
उल्लेखनीय है कि यह मामला बोकारो ट्रेजरी से लगभग 11 करोड़ रुपये की कथित अवैध निकासी से जुड़ा हुआ है। घोटाले का खुलासा उस समय हुआ जब बोकारो पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की लेखा शाखा में वेतन मद से संदिग्ध भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं के तथ्य सामने आए। बाद में महालेखाकार (एजी) की रिपोर्ट में भी वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि हुई, जिसके बाद राज्य सरकार के वित्त विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए थे।
Jharkhand news: प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शुरू हुई कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद बोकारो में प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए लेखा शाखा से जुड़े मुख्य आरोपित कौशल पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए मामले में संलिप्त अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
राज्य के अन्य ट्रेजरी कार्यालय भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कथित अवैध निकासी केवल बोकारो ट्रेजरी तक सीमित नहीं थी। जांच एजेंसियों को हजारीबाग, चाईबासा, रांची और रामगढ़ ट्रेजरी से भी वित्तीय अनियमितताओं और अवैध निकासी से जुड़े मामले मिले। इसके बाद यह मामला राज्यव्यापी वित्तीय घोटाले के रूप में सामने आया और जांच एजेंसियों ने विभिन्न ट्रेजरी कार्यालयों के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी।
Jharkhand news: जांच एजेंसियां जुटा रही हैं साक्ष्य
वर्तमान में जांच एजेंसियां सरकारी धन के दुरुपयोग, भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताओं और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं। साथ ही घोटाले में संभावित रूप से शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल जेल में ही रहेंगे आरोपित
सीआईडी की विशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अशोक भंडारी, सतीश कुमार और काजल मंडल को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है तथा आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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