spot_img
spot_img
HomeझारखंडJharkhand Scam News: अलकतरा घोटाला मामले में ठेकेदार को तीन साल की...

Related Posts

Jharkhand Scam News: अलकतरा घोटाला मामले में ठेकेदार को तीन साल की सजा, एक लाख रुपये का जुर्माना

  • झारखंड के चर्चित बिटुमेन घोटाला मामले में सीबीआई विशेष अदालत का फैसला, ठेकेदार झमन प्रसाद दोषी करार; छह अन्य आरोपित साक्ष्य के अभाव में बरी।

Jharkhand: झारखंड के बहुचर्चित अलकतरा (Bitumen) घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने ठेकेदार झमन प्रसाद को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सात आरोपितों के खिलाफ चला था मुकदमा

इस मामले में कुल सात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं होने के कारण तत्कालीन चार कनीय अभियंताओं और दो सहायक अभियंताओं को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अन्य अभियुक्तों के खिलाफ आरोपों को पर्याप्त रूप से साबित करने में सफल नहीं हो सका।

Jharkhand Scam News: सड़क निर्माण कार्य से जुड़ा था मामला

सीबीआई जांच के अनुसार यह मामला वर्ष 2005-06 में भुरकुंडा-पतरातू सड़क खंड के लगभग छह किलोमीटर लंबे हिस्से के नवीकरण कार्य से जुड़ा हुआ था। सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले अलकतरे (बिटुमेन) की खरीद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से की जानी थी, लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए इसकी खरीद निजी एजेंसियों से की गई। जांच में पाया गया कि इस प्रक्रिया में वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया गया।

20.23 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का खुलासा

सीबीआई की जांच में लगभग 20.23 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार सरकारी धन के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान दस्तावेजों, भुगतान अभिलेखों और तकनीकी रिपोर्टों की समीक्षा की गई थी।

Jharkhand Scam News: 14 गवाहों की गवाही बनी फैसले का आधार

मुकदमे की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशील कुमार ने अदालत में 14 गवाहों को पेश किया।गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर अदालत ने ठेकेदार झमन प्रसाद की भूमिका को प्रमाणित माना और उन्हें दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हैं।

छह अन्य आरोपित हुए बरी

मामले में ट्रायल का सामना कर रहे अन्य छह आरोपितों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। इनमें तत्कालीन कनीय अभियंता और सहायक अभियंता शामिल थे। जानकारी के अनुसार बरी किए गए अभियुक्तों में भुनेश्वर महतो वर्तमान में पथ प्रमंडल, गोड्डा में कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत हैं, जबकि अन्य अभियंता सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

Jharkhand Scam News: झारखंड के चर्चित घोटालों में शामिल रहा मामला

अलकतरा घोटाला झारखंड के चर्चित वित्तीय अनियमितता मामलों में से एक माना जाता है। लंबे समय तक चली जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत का यह फैसला सामने आया है, जिसे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Latest Posts