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Jharkhand News: झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में छह आरोपितों को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

  • रांची अदालत का बड़ा फैसला, पेपर लीक मामले के छह आरोपितों की बेल अर्जी हुई खारिज

Ranchi: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में जेल में बंद छह आरोपितों को सोमवार को अदालत से कोई राहत नहीं मिली। रांची की अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद सभी आरोपितों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने केस डायरी, उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपितों के आपराधिक इतिहास का अवलोकन करने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया।

अदालत ने क्यों खारिज की जमानत याचिका

सुनवाई के दौरान आरोपितों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि कथित धन लेन-देन को लेकर कोई ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। बचाव पक्ष ने अपने तर्कों के समर्थन में उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के कई महत्वपूर्ण फैसलों का भी हवाला दिया। हालांकि अदालत ने जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों, केस डायरी और अन्य उपलब्ध तथ्यों को पर्याप्त मानते हुए सभी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

Jharkhand News: इन छह आरोपितों ने दाखिल की थी बेल याचिका

जिन आरोपितों की जमानत याचिका खारिज हुई है उनमें आशीष कुमार, विकास कुमार, योगेश प्रसाद, रंजीत कुमार उर्फ चुनचुन, गुलाब चंद महतो और बुलबुल पांडे उर्फ राज शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार इनमें से कुछ आरोपित कथित पेपर सॉल्वर गिरोह के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे और अभ्यर्थियों तथा गिरोह के सदस्यों के बीच संपर्क स्थापित करने की भूमिका निभा रहे थे।

पेपर सॉल्वर गिरोह से जुड़े होने का आरोप

जांच में सामने आया है कि गिरोह परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूलने की योजना चला रहा था। पुलिस के अनुसार एजेंट अभ्यर्थियों को गिरोह के संपर्क में लाते थे और कथित तौर पर परीक्षा से पहले उन्हें विशेष तैयारी करवाई जाती थी।

Jharkhand News: रड़गांव में छापेमारी से खुला था मामला

यह बहुचर्चित मामला 11 अप्रैल की रात सामने आया था, जब पुलिस को सूचना मिली थी कि रांची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र स्थित रड़गांव के एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी दल ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस टीम को देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई और कई लोगों ने भागने का प्रयास किया।

छापेमारी में 155 लोगों की हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 155 लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में कथित अंतरराज्यीय पेपर लीक और पेपर सॉल्वर गिरोह से जुड़े कई प्रमुख आरोपित भी शामिल थे। गिरफ्तार प्रमुख आरोपितों में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम सामने आए थे। इसके अलावा सात महिला आरोपितों को भी हिरासत में लिया गया था।

Jharkhand News: अभ्यर्थियों को रटवाए जा रहे थे संभावित उत्तर

पुलिस जांच में दावा किया गया कि गिरोह ने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को रड़गांव में ठहराया हुआ था। वहां कथित रूप से परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों के उत्तर याद करवाए जा रहे थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और प्रवेश पत्र भी अपने कब्जे में रख लिए गए थे ताकि जानकारी बाहर न जा सके।

10 लाख रुपये तक वसूली का आरोप

पुलिस के अनुसार अभ्यर्थियों से परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर प्रति उम्मीदवार 10 लाख रुपये तक की मांग की गई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने भुगतान के लिए गिरोह के सदस्यों के नाम बैंक चेक जारी किए थे। मामले को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

Jharkhand News: जांच अभी भी जारी

अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं तथा जरूरत पड़ने पर आगे अतिरिक्त गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं।

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