- घर के बाहर खेलते समय सवारी वाहन की चपेट में आया मासूम, पूरे खूंटी शहर में शोक की लहर
Jharkhand: खूंटी के वरिष्ठ पत्रकार (Senior Journalist) एवं खूंटी क्लब के उपाध्यक्ष राज कुमार गुप्ता के ढाई वर्षीय पोते आश्विक कुमार गुप्ता की शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से न केवल परिवार बल्कि पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। मासूम की असमय मौत की खबर सुनकर लोगों की आंखें नम हो गईं और बड़ी संख्या में लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
घर लौटने के बाद हुआ दर्दनाक हादसा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11 बजे आश्विक के पिता सौरभ राज अपने परिवार के साथ बाहर से घर लौटे थे। घर पहुंचने के बाद सौरभ अपने पिता राज कुमार गुप्ता के साथ बातचीत में व्यस्त हो गए। इसी दौरान ढाई वर्षीय आश्विक घर से निकलकर मुख्य सड़क की ओर चला गया। परिवार के लोगों को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि मासूम कब घर से बाहर निकल गया।
Khunti News: सवारी वाहन की चपेट में आने से मौके पर मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क किनारे एक सवारी वाहन खड़ा था। वाहन चालक ने जैसे ही वाहन स्टार्ट कर आगे बढ़ाया, उसी समय मासूम आश्विक उसकी चपेट में आ गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर चोट लगने के कारण घटनास्थल पर ही मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
पूरे शहर में शोक का माहौल
शनिवार सुबह से ही पत्रकार राज कुमार गुप्ता के आवास पर लोगों का तांता लग गया। सामाजिक, राजनीतिक, पत्रकारिता और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। मासूम की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है। लोगों ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
Khunti News: जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने जताया शोक
इस दुखद घटना पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष काशीनाथ महतो, वरिष्ठ पत्रकार रंजीत प्रसाद, अजय शर्मा, अनिल मिश्र, प्रेम तिवारी, चंद्रशेखर चौधरी, चंदन कुमार, राहुल मिश्रा, गुंजन कुमार सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक व्यक्तित्वों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत बालक की आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रिहायशी इलाकों में वाहनों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके। मासूम आश्विक की असमय मौत ने पूरे खूंटी जिले को झकझोर कर रख दिया है और हर किसी की जुबान पर केवल एक ही सवाल है कि आखिर इतनी छोटी सी उम्र में यह दर्दनाक हादसा क्यों हुआ।



