- 121 भक्त निभाएंगे पारंपरिक अनुष्ठान, लपरा भंजाई और फुलकुंदी रस्म से जीवंत होगी संस्कृति
Khunti: जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत उडिकेल पंचायत के बिकुवादाग गांव में आयोजित होने वाला पारंपरिक वैशाख पूर्णिमा मंडा मेला इस वर्ष भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। 01 मई को लगने वाले इस ऐतिहासिक मेले को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
छऊ नृत्य बनेगा मुख्य आकर्षण
शुक्रवार की रात्रि मेले का मुख्य आकर्षण तमाड़ क्षेत्र का सुप्रसिद्ध Chhau Dance होगा। इस पारंपरिक नृत्य को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।
पारंपरिक अनुष्ठानों से सजेगा मेला
पट भक्ता दुलार चंद महतो के नेतृत्व में 121 भक्तों द्वारा लपरा भंजाई, धुंआ-सुंआ अनुष्ठान और 121 भक्तों एवं 121 सोकताइन की ओर से फुलकुंदी रस्म निभाई जाएगी। ये सभी परंपराएं मेले की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाएंगी।
121 श्रद्धालु करेंगे मंडा में प्रवेश
मेला समिति के अनुसार इस वर्ष 121 श्रद्धालु विभिन्न गांवों से मंडा में शामिल हो रहे हैं। सभी भक्त पारंपरिक विधि-विधान का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।
सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला स्थल पर सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि लोग सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें।
दो दिवसीय मेले का होगा समापन
शनिवार को झुलन कार्यक्रम के साथ इस दो दिवसीय मेले का समापन होगा। वहीं डहकेला पंचायत के तिलमी गांव में भी मंडा मेले का आयोजन किया जाएगा, जहां स्थानीय लोग पूरे उत्साह के साथ पारंपरिक रीति-रिवाज निभाएंगे।
आस्था और संस्कृति का संगम
यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
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