- रोजगार की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन
Jharkhand: जिले के गुवा क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर सोमवार सुबह बड़ा आंदोलन शुरू हो गया। करीब 12 गांवों के मुंडा-मानकी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और खदान क्षेत्र के सभी प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया।
खदान का कामकाज ठप
आंदोलनकारियों ने साइज स्क्रीन, जीरो प्वाइंट और लोडिंग प्वाइंट जाने वाले रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे खदान क्षेत्र में आवाजाही रुक गई। इसका सीधा असर खदान के उत्पादन और लौह अयस्क के परिवहन पर पड़ा। पहली पाली के मजदूरों की बसें भी रास्ते में रोक दी गईं।
प्रशासन और सुरक्षा बल मौके पर
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए झारखंड पुलिस और CISF के जवान मौके पर तैनात रहे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से खदान में काम हो रहा है, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है, जिससे क्षेत्र में बेरोजगारी और असंतोष बढ़ रहा है।
प्रबंधन से वार्ता, प्रस्ताव खारिज
SAIL प्रबंधन की टीम ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की। प्रबंधन ने प्रस्ताव दिया कि हर महीने मुंडा-मानकी संघ के साथ बैठक कर प्रत्येक गांव से 2-3 लोगों को रोजगार दिया जाएगा, लेकिन ग्रामीणों ने इसे नाकाफी बताते हुए खारिज कर दिया।
500 नौकरियों की मांग पर अड़े ग्रामीण
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का लिखित आश्वासन दिया जाए। सारंडा पीढ़ के मानकी सुरेश चाम्पिया के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में कई गांवों के मुंडा-मानकी और ग्रामीण शामिल हैं।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसे और उग्र किया जाएगा। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।



