– 107 अखाड़ों की भागीदारी, देर शाम से जारी है जुलूस
Hazaribagh Ram Navami casualties : रामनवमी के अवसर पर निकाला गया प्रसिद्ध जुलूस इस बार हादसों की वजह से चर्चा में आ गया है। शनिवार देर शाम से शुरू हुआ यह जुलूस लगातार जारी है, जिसमें कुल 107 अखाड़ों की भागीदारी है। हर अखाड़ा अपनी गति और परंपरा के अनुसार आगे बढ़ रहा है। जुलूस की निगरानी प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की जा रही है। हजारीबाग में डीआईजी, डीसी, एसपी सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस अधिकारी जमा मस्जिद के पास बनाए गए मंच से सीसीटीवी के जरिए पूरे आयोजन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, 350 से अधिक लोग घायल
जुलूस के दौरान विभिन्न स्थानों पर हुए हादसों में अब तक साढ़े तीन सौ से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों में कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया है। इस संबंध में बड़ी बाजार थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि अब तक लगभग साढ़े तीन सौ लोग घायल हो चुके हैं, जबकि चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और दोषियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
करतब के दौरान हुई घटनाएं, जांच में जुटी पुलिस
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, जुलूस के दौरान अखाड़ों द्वारा किए जा रहे पारंपरिक खेल और करतब के समय ये हादसे हुए हैं। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन की ओर से जुलूस में ‘खोया-पाया’ केंद्र भी बनाया गया है, जहां कई बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया गया। यह व्यवस्था भीड़भाड़ के बीच राहत का एक महत्वपूर्ण उपाय साबित हुई।
सवा लाख से अधिक लोगों की भीड़, व्यवस्था पर सवाल
जुलूस में अनुमानित सवा लाख से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ी है। इतने बड़े आयोजन के बावजूद बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली मेंटेनेंस के नाम पर पिछले एक महीने से कटौती की जा रही थी, ताकि रामनवमी के दिन निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। बावजूद इसके, शहर में पिछले 12 घंटे से बिजली व्यवस्था ठप है, जिससे पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
अभी तक 27 अखाड़े ही पार कर सके जमा मस्जिद
समाचार लिखे जाने तक 107 जुलूसों में से केवल 27 जुलूस ही जमा मस्जिद क्षेत्र को पार कर सके हैं। इससे साफ है कि जुलूस की रफ्तार धीमी बनी हुई है और भीड़ के कारण व्यवस्था को संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
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