Jamshedpur/Jharkhand : सरकारी सहायता प्राप्त करीमिया मुस्लिम स्कूल में चल रही शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। यह कदम भाजपा जिला मीडिया प्रभारी द्वारा की गई शिकायत के बाद उठाया गया, जिसमें बहाली प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों और अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, विद्यालय में सहायक आचार्य के पदों को भरने के लिए हाल ही में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन शुरुआत से ही चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे। भाजपा मीडिया सह प्रभारी अखिलेश सिंह ने उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा पैसे लेकर चयन किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया पहले से तय है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय ने तत्काल प्रभाव से नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी और जांच के आदेश जारी कर दिए।
इंटरव्यू के दौरान बवाल, कई अभ्यर्थी बाहर
पिछले मंगलवार को आयोजित साक्षात्कार के दौरान भी माहौल तनावपूर्ण रहा। करीब 250 से ज्यादा आवेदनों में से सिर्फ 141 अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया गया, जिससे बाकी अभ्यर्थियों में नाराजगी फैल गई। बाहर किए गए अभ्यर्थियों का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट वजह के उन्हें प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया।
रिश्वत और सेटिंग के आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कुछ अभ्यर्थियों से 18 से 20 लाख रुपये तक लेकर चयन सुनिश्चित किया गया है। साथ ही, स्कूल को भालूबासा से मानगो स्थानांतरित करने में भी नियमों की अनदेखी और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप सामने आए हैं।
तीन दिन में मांगे गए दस्तावेज
डीएसई कार्यालय ने स्कूल प्रबंधन से जमीन, भवन, बुनियादी सुविधाएं और पूरी चयन प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच के नतीजों पर टिकी हुई है।
Also Read : Jharkhand University Act 2026 : विधानसभा में झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक पारित



