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Jharkhand Assembly Water Supply Issue : झारखंड विधानसभा में जलापूर्ति परियोजनाओं पर गरमाई बहस, असंसदीय भाषा को लेकर हंगामा

  • मानगो और धनबाद जल योजनाओं में देरी पर सरकार घिरी, सदन में विरोध-प्रदर्शन और जवाब-तलब

Ranchi/Jharkhand : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में जलापूर्ति परियोजनाओं में देरी, प्रशासनिक लापरवाही और असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिला। एक ओर मानगो पेयजल परियोजना और धनबाद जलापूर्ति योजना की धीमी प्रगति पर सरकार से जवाब मांगा गया, वहीं दूसरी ओर सदन की गरिमा को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए।

मानगो पेयजल परियोजना में देरी पर सरयू राय का सवाल

मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में शुरू हुई यह योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी, जो गंभीर चिंता का विषय है। राय ने आरोप लगाया कि 2019 से 2024 के बीच परियोजना की लगातार उपेक्षा की गई। इस दौरान जलमीनारें अधूरी रहीं, इंटेक वेल में जमी बालू की सफाई नहीं हुई और पुराने मोटरों को बदलने में भी लापरवाही बरती गई, जिससे क्षेत्र में जलापूर्ति प्रभावित रही। उन्होंने यह भी कहा कि योजना पर्याप्त जल आपूर्ति करने में सक्षम नहीं है, इसके बावजूद एमजीएम अस्पताल को रोजाना टैंकरों से पानी भेजना पड़ रहा है।

मार्च 2026 के अंत तक पूरा होगा कार्य : मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू

इस मुद्दे पर जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि केंद्र सरकार से एनओसी मिलने में देरी के कारण परियोजना प्रभावित हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि मार्च 2026 के अंत तक योजना को पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान में एमजीएम अस्पताल को प्रतिदिन 72 हजार लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है और योजना के फेज-2 का निर्माण भी आवश्यक है।

कोडरमा-डोमचांच नगर पंचायत पर भी उठा मुद्दा

विधायक सरयू राय ने कोडरमा डोमचांच को नगर पंचायत घोषित करने की अधिसूचना रद्द करने की मांग भी सदन में रखी। इस पर मंत्री सुदिव्य ने कहा कि जनगणना रिपोर्ट आने के बाद सरकार इस पर पुनर्विचार करेगी।

पथ निर्माण विभाग में नियुक्ति और वेतन भुगतान के मुद्दे पर सवाल

सदन में विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने पथ निर्माण विभाग में सहायक अभियंताओं के पदस्थापन, सेवा विनियमन और वेतन भुगतान को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि क्या वित्त विभाग के 20 मई 2022 के संकल्प संख्या 1337 के अनुसार बिना सहमति के सेवा अवधि का विनियमन संभव है। इसके अलावा उन्होंने 2007 बैच और 2022 में नियुक्त सहायक अभियंताओं को वेतन भुगतान में अंतर का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि मामला प्रक्रियाधीन है और विभाग इसकी समीक्षा कर रहा है।

धनबाद जलापूर्ति परियोजना में देरी पर सदन में घमासान

बजट सत्र के 17वें दिन विधायक अरुप चटर्जी ने धनबाद जलापूर्ति परियोजना में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में अब तक एक भी कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने संबंधित श्री राम ईपीसी कंपनी पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनी के दूसरी कंपनी में विलय के बाद परियोजना और जटिल हो गई है।

मंत्री योगेंद्र महतो का आश्वासन, एक सप्ताह में रिपोर्ट

मामले पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी और परियोजना को जल्द पूरा कराया जाएगा।

असंसदीय भाषा को लेकर हंगामा, नीरा यादव और समीर मोहंती के बीच विवाद

इसी दौरान सदन में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विधायक नीरा यादव ने समीर मोहंती के बयान पर आपत्ति जताई, जिसके बाद भाजपा विधायक वेल में पहुंचकर विरोध करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने हस्तक्षेप करते हुए आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। हालांकि इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई।

संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मांगी माफी

मामले को शांत कराने के लिए संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि किसी भी विधायक को असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने पूरे सदन की ओर से क्षमा याचना भी की। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अंततः सदन की कार्यवाही सामान्य हो सकी।

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