spot_img
spot_img
Homeकोल्हान प्रमंडलजमशेदपुरTransgender Law Amendment Protest Jamshedpur : जमशेदपुर में ट्रांसजेंडर अधिनियम में संशोधन...

Related Posts

Transgender Law Amendment Protest Jamshedpur : जमशेदपुर में ट्रांसजेंडर अधिनियम में संशोधन प्रस्ताव का विरोध, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

Jamshedpur/Jharkhand: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में मंगलवार को जमशेदपुर में ट्रांसजेंडर समुदाय ने अपनी आवाज बुलंद की। जमशेदपुर क्वियर सर्कल (JQC) और पूर्वी सिंहभूम के ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इन प्रस्तावित बदलावों पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।

मौलिक अधिकारों के हनन की जताई आशंका

संगठन के सदस्य शोवीक के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रस्तावित संशोधन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों को कमजोर कर सकते हैं। प्रतिनिधियों ने अपने तर्क के समर्थन में के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) के ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के अनुसार निजता का अधिकार संविधान के तहत मौलिक अधिकार है, और इसमें व्यक्ति की लैंगिक पहचान उसकी गरिमा, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान से सीधे जुड़ी हुई है।

लैंगिक पहचान प्रक्रिया को लेकर बढ़ी चिंता

ज्ञापन में यह आशंका जताई गई कि प्रस्तावित संशोधनों के लागू होने के बाद लैंगिक पहचान की प्रक्रिया प्रशासनिक और बाहरी सत्यापन पर निर्भर हो सकती है। समुदाय के अनुसार इससे पहचान पत्र बनवाने और सरकारी योजनाओं तक पहुंचने में कठिनाइयां बढ़ेंगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भेदभाव की आशंका भी बढ़ सकती है।

झारखंड सरकार से हस्तक्षेप और अधिकारों की सुरक्षा की मांग

ट्रांसजेंडर समुदाय ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह इस गंभीर मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाए और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लैंगिक स्व-पहचान के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करे। इसके साथ ही समुदाय ने राज्य स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने, तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की भी मांग की है।

सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दे पर बढ़ती आवाज

यह विरोध प्रदर्शन दर्शाता है कि ट्रांसजेंडर समुदाय अब अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर अधिक जागरूक और संगठित हो रहा है। समुदाय ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का कानून संशोधन उनके संवैधानिक अधिकारों और गरिमा के अनुरूप होना चाहिए।

Latest Posts