जुगसलाई नगर परिषद ने बाजारों और फुटपाथों पर दुकान लगाने पर लगाई पाबंदी, केवल चिन्हित मैदानों में ही मिलेंगे पटाखे
Jugsalai Cracker Ban के तहत दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ के मद्देनजर जुगसलाई नगर परिषद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। घनी आबादी वाले बाजारों में आगजनी की दुर्घटनाओं को रोकने, आम नागरिकों की जान-माल की रक्षा करने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए पटाखों की खुलेआम बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया है। नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि जुगसलाई की मुख्य सड़कों, तंग गलियों, फुटपाथों और व्यस्त बाजारों में कोई भी अस्थायी पटाखा दुकान नहीं लगेगी। सभी लाइसेंसी कारोबारियों को प्रशासन द्वारा पूर्व से निर्धारित खुले मैदानों में ही अपनी दुकानें लगानी होंगी।
Jugsalai Cracker Ban को लेकर सड़क पर उतरे कार्यपालक पदाधिकारी, दुकानदारों को दी कड़ी चेतावनी
गुरुवार को नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान खुद प्रशासनिक टीम के साथ सड़कों पर उतरे। उन्होंने स्टेशन रोड, नया बाजार, बाटा चौक और आसपास के भीड़भाड़ वाले व्यापारिक इलाकों का प्रत्यक्ष जायजा लिया। इस दौरान सड़क किनारे और फुटपाथ पर पटाखा दुकान सजाने की तैयारी कर रहे कई विक्रेताओं को उन्होंने मौके पर ही सख्त चेतावनी दी।
कार्यपालक पदाधिकारी ने दुकानदारों को दो टूक कहा कि वे अपनी दुकानें तत्काल समेट लें और केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित मैदानों में ही जाएं। उन्होंने साफ लफ्जों में चेताया कि यदि कोई भी दुकानदार निर्धारित स्थल के अलावा किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर पटाखे बेचते हुए पाया गया, तो उसका सारा सामान तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति पर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Jugsalai Cracker Ban में सुरक्षा मानक अनिवार्य, अग्निशामक यंत्र, पानी और बालू रखना जरूरी
कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान ने बताया कि दीपावली पर जुगसलाई के बाजारों में खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में रिहायशी और संकरी जगहों पर बारूद और पटाखों की दुकानें लगने से बड़े अग्निकांड का खतरा बना रहता है। इससे न केवल भगदड़ और दुर्घटना की आशंका रहती है, बल्कि भीषण जाम लगने से एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं का निकलना भी दूभर हो जाता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस के पटाखों का भंडारण और बिक्री पूरी तरह गैर-कानूनी मानी जाएगी। जिन कारोबारियों को अनुमति मिली है, उन्हें अपनी दुकानों में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) अनिवार्य रूप से रखना होगा। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी से भरी बाल्टियां और सूखी बालू का प्रबंध करना होगा। तय मैदानों में दमकल विभाग की ओर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी 24 घंटे तैनात रहेंगी ताकि किसी भी चिंगारी पर तत्काल काबू पाया जा सके।
हफ्ते में चार दिन चलेगा औचक जांच अभियान, नियमों के उल्लंघन पर रद्द होगा लाइसेंस
नगर परिषद प्रशासन ने नियमों के अनुपालन के लिए एक विशेष एनफोर्समेंट टीम का गठन किया है। यह टीम सप्ताह में चार बार निर्धारित मैदानों और शहर के संवेदनशील इलाकों में औचक निरीक्षण अभियान चलाएगी। जांच के दौरान मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में दुकानदारों के लाइसेंस, भंडारण क्षमता, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी।
कार्यपालक पदाधिकारी ने व्यापारियों से अपील की है कि त्योहार की खुशियों में किसी की लापरवाही खलल न डाले। दीपावली रोशनी और उमंग का पर्व है, इसलिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध पटाखा बिक्री या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनका व्यावसायिक लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।
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