Ranchi News: ‘सस्टेनेबिलिटी के लिए साइंस और इनोवेशन’ है मुख्य थीम
Ranchi News: 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC)-2026 के तहत गुरुवार को सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के भौतिकी विभाग में जिला स्तरीय शॉर्टलिस्टिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें रांची के करीब 25 स्कूलों के 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान विद्यार्थियों ने विज्ञान, नवाचार और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने शोध और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की मुख्य थीम ‘सस्टेनेबिलिटी के लिए साइंस और इनोवेशन’ रखी गई है। इसके तहत विद्यार्थियों को पांच प्रमुख विषयों पर अपने शोध और नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इन विषयों में अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, जल, खाद्य-कृषि एवं स्वास्थ्य और सतत विकास के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली का उपयोग शामिल है।
इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने आसपास की समस्याओं को वैज्ञानिक नजरिये से समझने और उनके समाधान से जुड़े विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में अलग-अलग स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं ने अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और मौलिक सोच का परिचय दिया। उनके शोध और नवाचार का उद्देश्य विज्ञान को रोजमर्रा की समस्याओं से जोड़कर देखना रहा।
उपायुक्त ने मौलिक सोच और वैज्ञानिक जिज्ञासा पर दिया जोर
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए जिज्ञासा, रचनात्मकता और मौलिक विचार जरूरी हैं। कई बार आसान दिखने वाले सवालों में भी गहरी वैज्ञानिक बातें छिपी होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को हर विषय को समझने और सवाल पूछने की आदत विकसित करनी चाहिए।
उपायुक्त ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल केवल सहायक उपकरण के रूप में करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने मौलिक विचारों पर काम करना चाहिए। तकनीक का उपयोग सीखने और काम को बेहतर बनाने में किया जा सकता है, लेकिन अपनी सोच और रचनात्मकता को भी महत्व देना जरूरी है।
शिक्षकों और विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम की चेयरपर्सन और सेंट जेवियर्स कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. स्वरत चौधरी ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की मुख्य थीम और उसके पांच विषयों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों के सामने रखे गए विषयों के महत्व को समझाया।
वहीं, इवेंट मेंटर डॉ. फादर अजय अरुण मिंज ने छात्र-छात्राओं को सवाल पूछने और वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सर आइजैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को अपने आसपास होने वाली घटनाओं को ध्यान से देखने और उनके पीछे के कारणों को समझने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों के पैनल ने किया शोध और नवाचार का मूल्यांकन
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत शोध और नवाचार का मूल्यांकन विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञों के पैनल ने किया। विशेषज्ञों ने प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट का आकलन किया। इस जिला स्तरीय शॉर्टलिस्टिंग कार्यक्रम के बाद चयनित विद्यार्थियों के नाम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए भेजे जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में जिला अकादमिक समन्वयक डॉ. सुमित कुमार रॉय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन को सफल बनाने में राज्य समन्वयक डॉ. अतेंद्र कुमार, जिला समन्वयक डॉ. रवि कुमार समेत विभिन्न शिक्षकों और विशेषज्ञों का योगदान रहा। सेंट जेवियर्स कॉलेज के भौतिकी विभाग के छात्र स्वयंसेवकों ने भी आयोजन में सहयोग किया।
read also:Jamshedpur Dhanteras Market: धनतेरस पर सजे बाजार, करोड़ों के कारोबार की उम्मीद


