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Palamu ACB: 10 हजार रुपये रिश्वत लेते होमगार्ड कार्यालय का मुंशी गिरफ्तार

ड्यूटी का कमान देने के बदले मांगी थी रकम, जवान की शिकायत पर एसीबी ने बिछाया जाल

Palamu ACB: पलामू में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए होमगार्ड कार्यालय के एक मुंशी को 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर के रूप में हुई है। उस पर एक होमगार्ड जवान को ड्यूटी का कमान देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। जवान ने पैसे देने के बजाय एसीबी से शिकायत की थी। शिकायत की जांच और आरोपों के सत्यापन के बाद गुरुवार को एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपित को पकड़ लिया।

Palamu ACB की जांच में रिश्वत मांगने की हुई पुष्टि

इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब एक होमगार्ड जवान ड्यूटी का कमान लेने के लिए जिला होमगार्ड कार्यालय पहुंचा था। उसे ड्यूटी आवंटित कराने के लिए कार्यालय में संपर्क करना था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कार्यालय में कार्यरत मुंशी सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर और तुलसी से हुई। आरोप है कि दोनों ने ड्यूटी का कमान देने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी।

जवान ने इस मांग पर आपत्ति जताई और कार्यालय के संबंधित अधिकारी से भी बातचीत की। शिकायत के मुताबिक, अधिकारी ने भी चार महीने में मिलने वाले 1.20 लाख रुपये का हवाला देते हुए 10 हजार रुपये देने में परेशानी नहीं होने की बात कही थी। जवान को यह मांग अनुचित लगी। उसने रिश्वत देकर ड्यूटी हासिल करने के बजाय पूरे मामले की शिकायत करने का फैसला किया।

Palamu ACB को लिखित शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

होमगार्ड जवान ने पलामू एसीबी के पुलिस अधीक्षक के समक्ष लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत में बताया गया कि ड्यूटी का कमान देने के लिए उससे 10 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। जवान ने स्पष्ट किया कि वह रिश्वत देकर अपना काम नहीं कराना चाहता।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले को गंभीरता से लिया। ब्यूरो की ओर से सबसे पहले लगाए गए आरोपों का सत्यापन कराया गया। इसके लिए शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच की गई। सत्यापन के दौरान मुंशी सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर द्वारा ड्यूटी का कमान देने के एवज में 10 हजार रुपये मांगने की बात सामने आई।

आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। इस मामले में पलामू एसीबी थाना कांड संख्या 06/2026 दर्ज किया गया। प्राथमिकी 4 नवंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(ए) के तहत दर्ज की गई।

10 हजार रुपये लेते ही एसीबी ने दबोचा

मामला दर्ज होने के बाद एसीबी ने आरोपित को पकड़ने के लिए विशेष धावादल का गठन किया। टीम ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी गई, ताकि रिश्वत लेने के आरोप में संबंधित व्यक्ति को मौके पर पकड़ा जा सके।

गुरुवार को तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आरोपित मुंशी के पास पहुंचा। इस दौरान जैसे ही उसने 10 हजार रुपये की रिश्वत दी, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। टीम ने मुंशी सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर को मौके पर ही पकड़ लिया।

गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी की गई। एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए आरोपित को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।

गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी एसीबी

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपित के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुट गई है। मामले से जुड़े तथ्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। जांच के दौरान रिश्वत की मांग से जुड़े अन्य पहलुओं को भी देखा जा सकता है।

इस घटना ने होमगार्ड जवानों को ड्यूटी आवंटित करने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। सरकारी जिम्मेदारी निभाने वाले जवानों को अपनी ड्यूटी हासिल करने के लिए यदि कथित तौर पर रिश्वत की मांग का सामना करना पड़े, तो यह व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

फिलहाल एसीबी की इस कार्रवाई के बाद संबंधित कार्यालय में हलचल है। जवान की ओर से रिश्वत देने से इनकार कर शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, मामले में आरोपित के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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